सिक्किम में 24 फरवरी से 5 मार्च तक हुए नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट (एनआरटी) में बड़ी संख्या में नहीं खेलने वाले तीरंदाजों भारतीय तीरंदाज संघ (एएआई) ने नोटिस जारी कर दिया है। एएआई ने तीरंदाजों से दो दिनों के अंदर टूर्नामेंट में नहीं खेलने का जवाब मांगा है। एएआई ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के साथ संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले तीरंदाजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि तीरंदाजी संघ ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कार्रवाई किस तरह की होगी। टूर्नामेंट में नहीं खेलने वालों में शीर्ष तीरंदाज भी शामिल हैं, इनमें कई एशियाई खेलों की टीम में चयनित हुए तीरंदाज भी हैं।
आयोजकों को हुआ आर्थिक नुकसान
एनआरटी में देश के शीर्ष तीरंदाज खेलते हैं। इस बार इसका आयोजन सिक्किम में किया गया। एक के बाद एक टूर्नामेंट होने और दूरी होने के साथ कई तीरंदाजों की परीक्षाएं होने के कारण उन्होंने इस टूर्नामेंट में शिरकत नहीं की, जिसके चलते एएआई और आयोजकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। एंट्री करने वाले तीरंदाजों के रहने और खाने की व्यवस्था कर रखी गई थी। साथ ही उनके नहीं आने से टूर्नामेंट का आकर्षण भी कम हुआ।
तीरंदाज बोले नहीं होने चाहिए लगातार टूर्नामेंट
टूर्नामेंट के लिए एशियाई खेलों की टीम में चयनित हरियाणा की भजन कौर, अदिति जायसवाल, यूपी की साक्षी चौधरी, पंजाब की अवनीत कौर, परनीत कौर ने भी एंट्री दी थी, लेकिन ये सभी तीरंदाज भी नहीं पहुंचे। ज्यादातर तीरंदाजों का कहना है कि एएआई ने इस तरह का कैलेंडर बनाया है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। एक के बाद एक टूर्नामेंट रखे हैं। ऐसे में वे इतनी जल्दी सभी टूर्नामेंटों में नहीं खेल सकते हैं। टूर्नामेंट के आयोजन में कुछ अंतराल होना चाहिए। सिक्किम से ठीक पहले जयपुर में एनआरटी थी। अब इसके तुरंत बाद ही नौ मार्च से राष्ट्रीय चैंपियनशिप शुरू हो रही है। ऐसे में उनका सभी टूर्नामेंटों में खेलना संभव नहीं है।
तीरंदाजों को देनी चाहिए थी सूचना
वहीं एएआई के महासचिव प्रमोद चंद्रूकर का कहना है कि तीरंदाजों को अगर नहीं खेलना था तो उन्हें पहले सूचना देनी चाहिए थी। इससे दूसरे तीरंदाजों को खेलने का मौका मिलता। यह अनुशासनहीनता है। इसी के चलते तीरंदाजों से जवाब मांगा गया है। फिर आयोजकों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। आगे से ऐसा नहीं हो, इसके लिए नोटिस जारी किया गया है।