इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) की ओर से गुरुवार को जारी की गई एलिजबिलिटी (योग्यता) सूची ने रियो ओलंपिक के चयन के लिए ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (आइटा) चयन समिति की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
आईटीएफ की सूची जारी होने के बाद अब रोहन बोपन्ना को रियो में जोड़ी बनाने के लिए पेस के अलावा तीन अन्य विकल्प मिल गए हैं। हालांकि आईटीएफ ने चयन के लिए योग्यता सूची में महेश भूपति को जगह नहीं दी है, लेकिन दिविज शरण और पूरव राजा को जगह देकर आइटा को भी हैरान दिया है।
लिएंडर पेस, बोपन्ना के अलावा इस सूची में चयन के दावेदार साकेत मिनेनी भी हैं। हालांकि सूची जारी होने के बाद आइटा चयन समिति अभी भी रैंकिंग के आधार पर टीम के चयन का मन बनाए हुए है। टीम की घोषणा 11 जून को की जानी है।
खास बात यह है कि आइटा बोपन्ना को पेस के साथ जोड़ी बनाने को कह रही है, लेकिन बोपन्ना ने साकेत के साथ जोड़ी बनाने को कहा है। अब उन्हें साकेत के अलावा पूरव और दिविज के रूप में दो और विकल्प मिल गए हैं।
महिलाओं में सानिया के अलावा सूची में प्रार्थना थोंबरे और अंकिता रैना को योग्य ठहराया गया है। रैंकिंग के हिसाब से सानिया की जोड़ी प्रार्थना के साथ बनती हो, लेकिन सानिया और अंकिता की जोड़ी से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
पेस के लिए अनावश्यक दबाव बनाए जाने से नाराज हैं बोपन्ना
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सूत्र बताते हैं कि रोहन बोपन्ना ने अब तक आइटा को यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह रियो के लिए पेस के साथ जोड़ी बनाना चाहते हैं। सूत्र यहां तक बताते हैं कि जिस तरह से पेस के साथ जोड़ी बनाने को लेकर उन पर दबाव बनाया गया है, वह इससे बेहद नाराज हैं।
आइटा को उम्मीद थी कि योग्यता सूची में पेस, बोपन्ना के अलावा साकेत का नाम होगा, लेकिन दिविज और पूरव के नाम से चयन समिति हैरान है। उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है कि इन दोनों का नाम किस आधार पर सूची में है। सूची में आने का आधार 20 सप्ताह तक सर्किट में और डेविस कप मुकाबले खेलना है, लेकिन दिविज और पूरव डेविस कप नहीं खेले हैं। हालांकि दोनों इंचियोन एशियाई खेलों में जरूर खेले हैं। पर यह चयन का आधार नहीं है।
रोहन अब इन तीनों में से किसी एक को जोड़ीदार बनाने को कह सकते हैं। यही वजह है कि सूची ने चयन समिति को परेशानी में डाला है। हालांकि इसमें बोपन्ना के खास भूपति का नाम नहीं होने से चयन समिति को राहत भी मिली है। सूत्र बताते हैं कि रोहन अगर इन तीनों में से किसी को जोड़ीदार बनाने की बात कहते हैं तो चयन समिति रैंकिंग का तर्क देकर उन्हें पेस के साथ जोड़ी बनाने को कहेगी। टॉप 10 में रहते हुए जोड़ीदार चुनने का हक रोहन को है, लेकिन इसके लिए नेशनल फेडरेशन का राजी होना जरूरी है, क्यों कि एंट्री उन्हीं के जरिए भेजी जानी है।