प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद एशियन गेम्स में खेलने का फैसला करने वाली देश की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने सोमवार को भारत को छठा गोल्ड दिलाया।
महिला डबल्स में पहले कांस्य पदक दिला चुकीं सानिया ने साकेत मिनेनी के साथ चीनी ताइपे के चान हाओ चिंग और पेंग सिएन यिन को एकतरफा मुकाबले में 6-4, 6-3 से हराकर टेनिस में अभियान का शानदार समापन किया।
इस तरह भारत इस बार टेनिस में एक स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य सहित कुल पांच पदक जीतने में सफल रहा।
साकेत दिन में दूसरी बार जब कोर्ट पर खेलने उतरे तो पिछले मैच से भी कहीं अधिक जोश उनमें दिख रहा था। शायद उन्होंने ठान रखा था कि इस बार गोल्ड से कम पर नहीं मानना है। इसके लिए सानिया से उनको भरपूर सहयोग मिला और दोनों ने लगातार सेट में जीत हासिल की।
सानिया और साकेत ने पहले सेट के सातवें गेम में सर्विस ब्रेक करते हुए बढ़त बनाई जो अंत तक कायम रही। दूसरे सेट में हालांकि दोनों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहले गेम में ही चिंग और यिन का सर्विस ब्रेक कर दोनों ने बढ़त बनाई लेकिन चौथे गेम में अपनी भी सर्विस ब्रेक करवा बैठे।
इसके बाद फिर लगातार दो सर्विस ब्रेक करते हुए दोनों ने टेनिस में गोल्ड का सूखा खत्म किया।
जीत के बाद दोनों जिस अंदाज में कोर्ट पर तिरंगा लहराते दिखे उससे तो यही लगा कि सानिया को एशियन गेम्स में खेलने के चलते डब्लूटीए रैंकिंग में भारी नुकसान उठाने का कोई मलाल नहीं है और उनके लिए देश पहले है।