बोपन्ना की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईटीए महासचिव हिरोनमाय चटर्जी ने कहा कि खिलाड़ियों का काम खेलना है न कि प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप करना। उनके पास उन क्षेत्रों पर सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं है जो खिलाड़ियों के डोमेन के बाहर हैं। उनका काम खेलना है। वह (बोपन्ना) इस तरह के प्रश्न पूछने वाला कौन है? (एआईटीए) प्रशासन को देखने के लिए है। जहां तक एआईटीए का सवाल है, तो हमें निर्णय लेना है कि किसे कप्तान बनाना और किसे नहीं।
वहीं महेश भूपति ने यह स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है कि उन्हें कप्तानी से हटाया गया है। भूपति ने कहा कि मैं अभी भी कप्तान हूँ और चयन के लिए मौजूद हूं। उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है।
बता दें कि कप्तान भूपति ने भी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए डेविस कप से अपना नाम वापस ले लिया था। एआईटीए ने इसके बाद रोहित राजपाल को मुकाबले के लिए नए कप्तान के रूप में नामित किया।