एक क्ले कोर्ट का किंग तो एक ग्रास कोर्ट का। दुनिया के दो दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर और राफेल नडाल शुक्रवार को एक माह बाद फिर किसी मेजर टूर्नामेंट में आमने-सामने होंगे। पिछले महीने लाल बजरी पर सेमीफाइनल में दोनों टकराए थे तो इस बार ऑल इंग्लैंड में।
विंबलडन में दोनों चौथी बार जबकि सेमीफाइनल में पहली बार खेलेंगे। इससे पहले तीन बार फाइनल में खेले जिसमें से दो बार फेडरर (2006, 2007) तो एक बार नडाल (2008) चैंपियन बने। यहां यह दोनों 11 साल बाद खेलेंगे। ग्रास कोर्ट के बादशाह 37 वर्षीय फेडरर पिछले एक साल से कोई ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं।
वह इस बार हर हाल में खिताबी सूखे को खत्म करना चाहेंगे। अगर वह नडाल को हरा देते हैं तो फाइनल में उन्हें नोवाक जोकोविच की चुनौती से पार पाना पड़ सकता है। गत चैंपियन जोकोविच दूसरे सेमीफाइनल में रॉबर्टो बतिस्ता से खेलेंगे।
दोनों ने खेला था विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा मैच
फेडरर और नडाल 11 साल पहले जब यहां आपस में खेले थे तो विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा मैच खेल डाला था। चार घंटे 48 मिनट तक चले पांच सेट के मुकाबले में नडाल ने फेडरर को 6-4,6-4,6-7,6-7,9-7 से हराकर अपना पहला विंबलडन जीता था। नडाल ने फेडरर का लगातार छठी विंबलडन ट्रॉफी जीतने का सपना तोड़ने के साथ ही पिछले छह वर्षों से ग्रास कोर्ट पर 65 मैचों से चला आ रहा अजेय रथ भी रोक दिया था।