मैराथन मैन के नाम से मशहूर सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने जाएंट किलर बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव को 6-4, 3-6, 7-6, 7-6 से हराकर विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के पुरुष सिंगल्स के खिताबी मुकाबले में जगह बना ली।
टॉप सीड जोकोविच ने चार सेट तक खींचे इस मुकाबले को तीन घंटे दो मिनट में जीत लिया।
वर्ष 2011 में यहां चैंपियन रह चुके जोकोविच ने गत चैंपियन ब्रिटेन के एंडी मरे को टूर्नामेंट से बाहर करने वाले दिमित्रोव के खिताब जीतने के सपने को तोड़ दिया।
जोकोविच चौथे सेट के टाईब्रेक में 3-6 से पिछड़े हुए थे और उस समय ऐसा लग रहा था कि यह मुकाबला पांचवें सेट तक जाएगा। लेकिन सर्बियाई स्टार ने लगातार तीन अंक लेकर स्कोर 6-6 से बराबर किया और फिर टाईब्रेक को 9-7 से निपटाकर फाइनल में जगह बना ली।
अपना 23वां ग्रैंड सेमीफाइनल खेल रहे जोकोविच ने 23 वर्षीय दिमित्रोव को बेसलाइन पर अपने बेहतरीन खेल से निर्णायक मौकों पर रोके रखा। हालांकि दोनों खिलाड़ियों को सेंटर कोर्ट की बेसलाइन पर ग्राउंड पर टिके रहने को लेकर काफी संघर्ष करना पड़ा।
लेकिन 6 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच ने पहला सेट 6-4 से जीता, जबकि दिमित्रोव ने दूसरे सेट में शानदार वापसी करते हुए 6-3 से जीत हासिल की। तीसरा सेट टाईब्रेक में खिंचा और इस सेट के टाईब्रेक को जोकोविच ने 7-2 से बाजी मारी।
नोवाक जोकोविच ने मैच में 17 एस लगाए और सिर्फ 2 डबल फाल्ट किए जबकि दिमित्रोव ने 15 एस तो मारे लेकिन 8 डबल फाल्ट भी कर बैठे। जोकोविच ने 6 में से 3 ब्रेक अंक भुनाए वहीं दिमित्रोव 11 में से तीन ब्रेक अंक भुना पाए।
दोनों खिलाड़ियों के विनर्स लगभग एक बराबर रहे। लेकिन बेजा भूलें करने में दिमित्रोव आगे रहे। जोकोविच के रैकेट से 45 विनर्स और 26 बेजा भूलें निकली तो दिमित्रोव ने 48 विनर्स लगाने के अलावा 33 बेजा भूलें की।
इस हार के साथ किसी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहली बार खेल रहे पहले बुल्गारियाई खिलाडी दिमित्रोव का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया।