सात बार के चैंपियन स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर रविवार को विंबलडन में नया इतिहास नहीं रच सके। गत चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने उन्हें 7-6, 6-7, 6-4, 6-3 से हराकर अपना खिताब सुरक्षित रखा। जोकोविच का यह पांच साल में तीसरा विंबलडन एकल और कुल नौवां ग्रैंड स्लैम खिताब है।
26वां ग्रैंडस्लैम फाइनल खेल रहे सात बार के चैंपियन फेडरर का जादू फाइनल में नहीं चल सका। यह लगातार दूसरी बार है जब विंबलडन फाइनल की दहलीज पर पहुंचकर फेडरर को खिताब से वंचित रहना पड़ा है। पिछली बार भी जोकोविच ने उनका खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया था। दूसरे सेट में सात सेट प्वाइंट गंवाने वाले सर्बियाई खिलाड़ी जोकोविच ने दो घंटे 56 मिनट में जीत हासिल की। अगर फेडरर यह मैच जीत जाते तो रिकॉर्ड आठवां विंबलडन खिताब जीत लेते।
तीन साल पहले उन्होंने सातवां विंबलडन खिताब जीतकर अमेरिका के पीट सम्प्रास के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। यहीं नहीं अगस्त में 34 साल के होने जा रहे फेडरर ओपन युग में सबसे उम्रदराज चैंपियन बनने की उपलब्धि भी हासिल कर लेते। जोकोविच ने फाइनल में शानदार खेल दिखाते हुए कोर्ट के हर कोने को कवर किया। ग्रासकोर्ट पर फिसलकर कलाबाजियां लगाते हुए उन्होंने कई दर्शनीय शॉट लगाए।
पहले सेट के छठे गेम में फेडरर ने ब्रेकप्वाइंट लेकर 4-2 की बढ़त बनाई लेकिन अगले ही गेम में जोकोविच ने स्विस खिलाड़ी की सर्विस तोड़कर हिसाब बराबर कर लिया। अंतत: 45 मिनट चले इस सेट का निर्णय टाईब्रेकर में हुआ जहां जोकोविच ने बाजी मारी। दूसरे सेट में तो दुनिया के दो शीर्ष खिलाड़ियों के बीच जबर्दस्त मुकाबला देखने को मिला। एक-एक प्वाइंट के लिए कड़ा संघर्ष हुआ।