ओसाका ने दुनियाभर में जारी रंगभेद के खिलाफ मुहिम का हिस्सा बनते यूएस ओपन में अलग-अलग नाम लिखे मास्क पहने, जो मीडिया की सुर्खियों में छाए रहते।
इस जीत के साथ ही ओसाका तीन ग्रैंडस्लैम जीतने वाली पहली एशियाई महिला बन गई हैं, उन्होंने चीन की ली ना को पछाड़ा, जिनके नाम दो ग्रैंडस्लैम (2011 फ्रेंच ओपन, 2014 ऑस्ट्रेलिया ओपन) खिताब हैं।
दूसरी ओर विक्टोरिया अजारेंका ने सेरेना को 1-6, 6-3, 6-3 से हराकर टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया था, जहां उनका तीसरा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने का सपना अधूरा ही रह गया। अजारेंका सात साल बाद किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचीं थीं। लगातार दो साल 2012 और 2013 में ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन बनने वाली बेलारूस की इस खिलाड़ी ने बीते माह ही वेस्टर्न एंड सदर्न ओपन खिताब जीता था। मौजूदा टूर्नामेंट में उन्होंने दो टॉप-5 सीड खिलाड़ियों को भी हराया।
2016 में बेटे को जन्म देने वाली अजारेंका के मैच के बाद कहा कि वह निराश नहीं हैं, लेकिन हार से दुखी जरूर हैं। यह केवल एक अनुभव था। मेरे पास दो हफ्ते के शानदार समय था। मैने इसका भरपूर मजा उठाया। इस टूर्नामेंट में कुल नौ ऐसी खिलाड़ी खेल रही थी जो मां बन चुकी हैं। सेमीफाइनल में विक्टोरिया ने सेरेना विलियम्स को हराया था, यह किसी एक ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में पहला अवसर था जब मां बन चुकी दो खिलाड़ी सेमीफाइनल में आमने-सामने थीं।