फ्रेंच ओपन के हाई बोल्टेज मैच का फैसला हो गया है। फाइनल से पहले के 'फाइनल' के रूप में देखे जा रहे इस मुकाबले में राफेल नदाल ने लाल बजरी पर अपनी बादशाहत कायम रखी।
नदाल ने नोवाक जोकोविच को मात देकर रविवार को खेले जाने वाले फाइनल में इंट्री की। इस जीत के साथ ही नदाल अपने आठवें फ्रेंच ओपन खिताब से अब मात्र एक कदम की दूरी पर हैं।
फाइनल में उनका मुकाबला टी सोंगा और डेविड फेरर के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
नदाल और जोकोविच के बीच अपेक्षा के अनुरूप ही जबरदस्त टक्कर हुई और मुकाबले का फैसला चार घंटे 37 मिनट के खेल और पांच सेट के बाद हुआ। नदाल ने जोरदार शुरूआत करते हुए पहला सेट 6-4 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में जोकोविच ने वापसी करते हुए 6-3 से जीत दर्ज की।
अगले सेट में एक बार फिर नदाल ने दम दिखाया और 6-1 से सेट अपने नाम किया। चौथे सेट में दोनों के बीच जोरदार टक्कर हुई और जोकोविच ने 7-6 (3-7) से नजदीकी जीत दर्ज की।
पांचवें सेट के सांस रोक देने वाले मुकाबले में 9-7 से जीत दर्ज करते हुए नदाल ने यह साबित किया की क्यों उसको लाल बजरी का बादशाह माना जाता है।
11 साल का सूखा खत्म करने उतरेंगी सेरेना
विश्व की दो शीर्ष खिलाड़ी अमेरिका की सेरेना विलियम्स और रूस की मारिया शारापोवा शनिवार को फ्रेंच ओपन के महिला एकल ताज के लिए आमने सामने होंगी जिसमें मौजूदा नंबर वन सेरेना का लक्ष्य 11 वर्ष के फ्रेंच ओपन खिताब का सूखा खत्म करना होगा।
सेरेना इस वक्त नंबर वन होने के साथ ही जबरदस्त फार्म में है जबकि गत चैंपियन शारापोवा की पूरी कोशिश होगी कि वह अपने खिताब का बचाव कर सके।
वर्ष 2004 के बाद से सेरेना कभी भी शारापोवा से नहीं हारी हैं। शारापोवा ने सेरेना को आखिरी बार विम्बल्डन फाइनल में हराया था। शीर्ष वरीय सेरेना और शारापोवा के बीच अभी तक हुई आपसी भिड़ंत में अमेरिकी सुपर स्टार ने 13 और रूसी खिलाड़ी ने मात्र दो बार जीत दर्ज की है।
गत वर्ष रोलां गैरो के पहले ही राउंड में बाहर हुई सेरेना ने इसके बाद 73 मैच जीते और मात्र तीन हारे हैं।