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युकी भांबरी की हार से वर्ल्ड ग्रुप से बाहर हुआ भारत

Mon, 15 Sep 2014 03:26 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भारत को वर्ल्ड ग्रुप में जगह बनाने के लिए सर्बिया के खिलाफ अंतिम मैच में जीत हासिल करनी थी लेकिन 22 साल के युकी भांबरी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
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बंगलूरू में बारिश के कारण रविवार को दूसरा रिवर्स सिंगल्स मुकाबला पूरा नहीं खेला जा सका था, और आज मैच जब मैच शुरू हुआ तो 107वें नंबर के खिलाड़ी फीलिप क्राजिनोविक ने युकी को अपने आगे टिकने ही नहीं दिया। सर्बियाई खिलाड़ी ने यह मैच 6-3, 6-4, 6-4 से जीत लिया।

कड़े संघर्ष के बाद भारत ने सर्बिया के हाथों 2-3 से मुकाबला गंवा दिया। इसके साथ ही भारत एशिया-ओशनिया ग्रुप में लुढ़क गया। दूसरी ओर, 2010 की विजेता और पिछले साल की उपविजेता सर्बिया ने वर्ल्ड ग्रुप में अपनी जगह कायम रखी है।
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इससे पहले लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना के प्रदर्शन से प्रेरणा लेते हुए सोमदेव देववर्मन ने रविवार को डेविस कप के रिवर्स सिंगल्स मुकाबले में न केवल सर्बिया के दुसान लाजोविक को मात दी, बल्कि भारत को 2-2 की बराबरी पर भी ला खड़ा किया था। 3 घंटे 37 मिनट तक चला यह मुकाबला सोमदेव ने 1-6, 6-4, 4-6, 6-3, 6-2 से जीता।

विश्व ग्रुप प्लेऑफ के दूसरे रिवर्स सिंगल्स में अब भारतीय उम्मीदों का दारोमदार युकी भांबरी पर हैं जिन्हें क्राजिनोविक के खिलाफ पहले सेट में 3-6 से हार मिली। दूसरे सेट में जब स्कोर 4-4 की बराबरी पर था तभी तेज बारिश के चलते खेल को अगले दिन के लिए स्थगित करना पड़ा।

पहले दिन भारत को दोनों सिंगल्स मुकाबलों में हार मिली थी हालांकि पुरुष डबल्स में पेस और बोपन्ना ने 2 सेट से पिछड़ते हुए जोरदार वापसी कर भारत को पहली जीत दिलाई थी।

मुकाबले की शुरुआत लाजोविक ने जोरदार अंदाज में की और पहला सेट बातों ही बातों में 6-1 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में भारतीय खिलाड़ी ने वापसी की और खुद को मुकाबले में बनाए रखते हुए यह सेट 6-4 से अपने नाम किया।

तीसरा सेट जीत सोमदेव के पास बढ़त लेने का सुनहरा मौका था, जब वह 4-1 से आगे चल रहे थे, लेकिन उसके बाद कई बेजां गलतियां करते हुए उन्होंने लाजोविक को वापसी का मौका दे दिया। चौथे सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला और एक-एक अंक के लिए दोनों ने जी-जान लगा दी, हालांकि जब परिणाम की बारी आई तो यह सेट भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में रहा।
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अब तक सोमदेव संभल चुके थे और उन्होंने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। पांचवें सेट में उन्होंने लाजोविक को कोई मौका नहीं दिया और इसे आसानी से अपने नाम करते हुए भारतीय उम्मीदों का झंडा बुलंद रखा।
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