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भारतीय टेनिस का स्वर्णिम दौर,जब दुनिया ने देखा 'इंडियन एक्सप्रेस' का करिश्मा 

Mon, 14 Aug 2017 02:07 AM IST
amarujala.com- Written by: नवीन चौहान
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पेस भूपति - फोटो : getty
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एक दौर था जब टेनिस की दुनिया से भारतीय अछूते थे। इस संभ्रांत परिवारों का खेल माना जाता था देश के आम लोगों की इसमें कोई रुचि नहीं थी। साठ के दशक में  रामानाथन कृष्णन जैसे टेनिस स्टार ने विंबल्डन एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। एकल रैंकिंग में वह छठे स्थान तक पहुंचे लेकिन भारतीय टेनिस का चरित्र नहीं बदल सका। 
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इसके 20-25 साल बाद भारतीय टेनिस का एक नया युग लिएंडर पेस के पदार्पण के साथ शुरू हुआ। नब्बे के दशक में ये किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि यह  युवा खिलाड़ी आने वाले दो दशक में भारतीय टेनिस का पर्याय बन जाएग। पदार्पण के बाद साल 1996 पेस के जीवन में एक ऐसा साल बनकर आया उन्होंने खुद के साथ-साथ देश की तकदीर भी बदलकर रख दी। ओलंपिक में पुरुषों की एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल कर 16 साल से चले आ रहे ओलंपिक पदक के सूखे को खत्म कर दिया। इसी दौर में एक और युवा टेनिस खिलाड़ी का उदय हुआ वो थे महेश भूपति। यदि कहें तो करियर के शुरुआती दौर में भूपति पेस की छाया में कहीं छिप गए थे। लेकिन 1997 में भूपति ने जापान की  रीका हिराकी के साथ फ्रेंच ओपन का मिक्स डबल्स खिताब जीता और ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। और अपनी अलग पहचान बनाई। 

1998 में पेस और भूपति ने एक दूसरे का हाथ थामा और युगल स्पर्धाओं में भाग लेना शुरू किया। इसके बाद भारतीय टेनिस की तस्वीर बदल गई। साल 1999 में दोनों की जोड़ी चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची और फ्रेंच ओपन एवं विंबल्डन का खिताब अपने नाम किया। इन दोनों की जोड़ी को दुनियाभर में इंडियन एक्सप्रेस के नाम से पुकारा जाने लगा। कुछ सालों बाद दोनों के बीच मतभेद हो गए लेकिन भारतीय टेनिस को जो पर लगने थे वो लग चुके थे। इन दोनों खिलाड़ियों ने टेनिस जगत में भारत की अलग पहचान बनाई। ये जोड़ी दुनिया की नंबर एक जोड़ी भी रही। 
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पेस ने आठ डबल्स और 10 मिक्स डबल्स सहित कुल 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते वहीं  महेश भूपति ने सात डबल्स और आठ मिक्स डबल्स सहित कुल 15 ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किए। इसी दौर में सानिया मिर्जा ने महिला टेनिस की कमान अपने हाथों में थामी और 6 ग्रैड स्लैम खिताब अपने नाम किए। 2 मिक्स डब्ल्स खिताब सानिया ने महेश भूपति के साथ जीते। सानिया ने मार्टीना हिंगिस के साथ मिलकर दुनिया की नंबर एक युगल खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया। 

पेस और भूपति को भारतीय टेनिस को सफलता की नई बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए हमेशा याद किया जाएगा आज देश की युवा पीढ़ी के लिए ये दोनों आदर्श हैं और देश की आजादी के 70 साल के इतिहास की जीती जागती उपलब्धि भी। 
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