ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन के खिलाफ विद्रोह करने वाले टेनिस खिलाड़ियों के खिलाफ लिएंडर पेस की जुबान खुल ही गई। पेस ने किसी खिलाड़ी का नाम लिए बिना कहा कि वह हमेशा देश के लिए खेले हैं। देश और टेनिस से बड़ा और महत्वपूर्ण विद्रोह नहीं हो सकता है।
उन्होंने हमेशा बातचीत में विश्वास रखा है। दूसरे खिलाड़ियों को भी यही रास्ता अपनाना चाहिए। पेस ने यहां तक खुलासा किया कि विद्रोह की अगुवाई करने वाले सोमदेव देववर्मन को भी उन्होंने समझाने की कोशिश की। सोमदेव के अलावा उन्होंने कुछ जूनियर खिलाड़ियों को भी समझाया लेकिन हल नहीं निकला।
भावुक पेस ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई ओपन के दौरान वह सोमदेव से मिले। उन्होंने इस प्रतिभाशाली और मेहनती खिलाड़ी से लंबी बात की। उन्हें बताया कि उनके कैरियर के लिए इस वक्त क्या महत्वपूर्ण है। हालांकि पेस ने सोमदेव का जवाब बताने से इंकार कर दिया लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्होंने जूनियर खिलाड़ियों से भी बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की। अपने 24 सालों के कैरियर में सिर्फ तीन डेविस कप टाई छोड़ने वाले पेस ने कहा बातचीत जारी रहनी चाहिए। यह खेल सभी खिलाड़ियों से बड़ा है। खिलाड़ी चले जाएंगे लेकिन यह खेल बना रहेगा। यह सभी को ध्यान में रखना चाहिए।
कप्तान एसपी मिश्रा, रंजीत मुरगेसन, विजयंत मलिक और पूरव राजा के साथ मौजूद पेस ने शुक्रवार से शुरू होने वाले कोरिया के खिलाफ डेविस कप मुकाबले को कठिन करार दिया। उन्होंने कहा कि कोरिया के खिलाफ वह अब तक जहां भी खेले हैं भारत के लिए मुश्किलें खड़ी हुई हैं। वे संघर्ष से हार नहीं मानते लेकिन वह भारत को अंडर डॉग मानते हैं।
24 सालों के कैरियर में जब भी वह डेविस कप खेले उन्होंने अपने आपको अंडर डॉग माना। इससे दबाव हटता है और यही वजह है कि उन्हें डेविस कप में खेलने में मजा आता है। स्थितियां आज भी वैसी हैं। कप्तान मिश्रा भी मानते हैं कि टीम कमजोर है। उनका कहना है कि डेविस कप में हमेशा टीम उम्मीदों से बढ़कर खेली है। इसी की उम्मीद वह इस टाई में कर रहे हैं।