पूर्व शीर्ष टेनिस खिलाड़ी और दो बार ग्रैंड स्लैम जीतने वाली सिमोना हालेप ने अंतर्राष्ट्रीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी पर दोहरे मानदंढ़ अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके एथलीट बायोलॉजिकल पासपोर्ट के संबंध में लगाए गए अनियमितताओं के आरोप से निपटने के लिए दोहरे मानक बनाए गए। रोमानिया की हालेप 31 वर्षी की उम्र में फ्रेंच ओपन और विंबलडन ओपन में महिला एकल का खिताब जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आईटीआईए ने एबीपी में कथित विसंगतियों के लिए डोपिंग के मामले में दोहरे मानदंड बनाए।
आईटीआईए ने कहा कि पिछले शुक्रवार को घोषित नवीनतम आईटीआईए शुल्क "अलग और इसके अलावा" है, जो हालेप को पिछले साल यूएस ओपन के दौरान ड्रग परीक्षण में विफल होने के बाद मिला था।
हालेप ने सोमवार को आरोप लगाया कि जहां आईटीआईए एक ओर कह रहा था कि वह उन्हें समयबद्ध तरीके से संलग्न करना चाहता था, वहीं दूसरी ओर वह न्यायाधिकरण से सुनवाई में देरी करने के लिए कह रहा था। हालेप ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर कहा "जबकि आईटीआईए ने अपने प्रतिनिधि निकोल सैपस्टेड के माध्यम से तीन दिन पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि आईटीआईए एक सहानुभूतिपूर्ण, कुशल और समयबद्ध तरीके से हालेप का मामला सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, वे उसी समय आधिकारिक तौर पर ट्रिब्यूनल से मेरी सुनवाई में देरी करने का अनुरोध कर रहे थे। आईटीआईए सार्वजनिक रूप से एक बात कहता है, जबकि निजी तौर पर कुछ और करता है, मैंने बार-बार अपनी सुनवाई के लिए कहा है और आईटीआईए ने बार-बार इसमें देरी करने की मांग की है।" 24 खिताब जीतने वाली हालेप ने कहा कि उन्हें त्वरित सुनवाई का अधिकार है और इसमें देरी करना नियमों के खिलाफ है।