दरअसल, हुआ यूं कि चौथे सेट के मैच के दौरान शापोवालोव को जोर से पेशाब लगी और उसने टॉयलेट जाने के लिए जर्मन अंपायर निको हेलवर्थ से अनुरोध किया लेकिन निको ने शापोवालोव के अनुरोध को ठुकरा दिया। इसके बाद इस टेनिस खिलाड़ी को गजब का गुस्सा आया। इसके बाद उसने अंपायर को खूब सुनाया। शापोवालोव ने इतना तक कह दिया कि अगर आप मुझे टॉयलेट जाने से रोक देंगे तो मैं बोतल में पेशाब करने जा रहा हूं।
शापोवालोव ने अंपायर हेलवर्थ से कहा, आपका क्या मतलब है, मैं नहीं जा सकता? क्या आप मुझे अयोग्य घोषित करने जा रहे हैं? मुझे टॉयलेट करना है।' इसके बाद भी जब अंपायर ने नहीं माना तो गुस्से से लाल शापोवालोव ने कहा कि मैं बोतल में पेशाब करने जा रहे हैं। खिलाड़ी ने आगे कहा, अगर मैं जाऊं तो क्या होगा? क्या मुझे जुर्माना लगेगा, इसकी मुझे कोई परवाह नहीं है।'
हालांकि, शापोवालोव ने आखिरी सेट जननिक सिनर को 3-6, 6-3, 6-2, 4-6, 6-4 से हराया। मैच जीतने के बाद इस खिलाड़ी ने कहा कि यह नियम खराब है। मुझे थोड़ी देर के लिए जाना था। उन्होंने यह भी कहा कि मैच से पहले उन्होंने खुद को ज्यादा से ज्यादा हाइड्रेट कर रहा था जिसके कारण मैच के दौरान मुझे टॉयलेट जाने जरूरत महसूस हुई थी। बता दें कि टूर्नामेंट के नियम बताते हैं कि राज्य के खिलाड़ी तीन सेट के सर्वश्रेष्ठ मैच के दौरान सिर्फ एक टॉयलेट ब्रेक ले सकते हैं और पांच-सेट में दो बार। जीत के बाद शापोवालोव ने इसे मजाक बताया।