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'कुश्ती के समर्थन में उतरें सभी खेलों के खिलाड़ी'

Thu, 07 Mar 2013 07:48 PM IST
सौरभ गुप्ता/नई दिल्ली
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बीजिंग ओलंपिक में कांस्य और लंदन ओलंपिक में रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार ने कहा है कि इंटरनेशनल ओलंपिक एसोसिएशन (आईओसी) का 2020 ओलंपिक से कुश्ती को हटाने की सिफारिश का प्रस्ताव पूरी तरह से गलत है।
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सुशील ने देश के सभी खिलाड़ियों से कुश्ती के समर्थन में उतरने के लिए कहा है। हाल ही में आईओसी के फैसले के विरोध में रूस और बुल्गारिया के दो पहलवान अपना ओलंपिक पदक लौटा चुके हैं। लेकिन सुशील ने कहा कि विरोध करने के लिए ओलंपिक में जीते पदक लौटाना गलत है। हालांकि सुशील ने माना कि जहां दुनियाभर में आईओसी के फैसले का जोरशोर से विरोध हो रहा है वहीं, भारत में अभी तक इस दिशा में कोई ठोस शुरुआत भी नहीं हुई है।

कुश्ती के समर्थन में चलाए जा रहे एक अभियान ‘पुश फॉर रेस्लिंग’ में शिरकत करने छत्रसाल स्टेडियम में आए सुशील ने कहा, ‘मैं देश के सभी खिलाड़ियों से अपील करता हूं कि वह ओलंपिक के सबसे पुराने खेलों में से एक कुश्ती को बचाने के लिए एकजुट हों। यदि कुश्ती 2020 ओलंपिक से बाहर होती है तो सबसे ज्यादा नुकसान भारत को होगा क्योंकि वह इस खेल में उभरती हुए ताकत बन रहा है। हालांकि यह सही है कि पूरी दुनिया में जिस तेजी से आईओसी के फैसले का विरोध हो रहा है, उतनी कड़ी प्रतिक्रिया भारत में देखने को नहीं मिला। लेकिन अब भारत में भी इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है और फेडरेशन अपना काम कर रही है। हमें इस दिशा में कड़ा कदम उठाना चाहिए।’
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आईओसी के विरोध में पहलवानों के पदक लौटाने के सवाल पर सुशील ने कहा कि वह अपना पदक लौटाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। सुशील ने कहा, ‘पदक बड़ी मुश्किल से मिलता है और मेरे विचार से इसे लौटाना सही नहीं है। प्रतिरोध करने के और भी तरीके हैं और हमें उन तरीकों को अपनाना चाहिए।’

लेकिन योगेश्वर पदक लौटाने के फैसले पर अडिग
एक तरफ जहां सुशील पदक लौटाने के फैसले से सहमत नहीं है वहीं उनके साथी पहलवान और लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त पदक लौटाने के अपने फैसले पर अडिग हैं। योगेश्वर ने कहा, ‘मैं आज भी अपने फैसले पर कायम हूं। मेरे लिए कुश्ती के बिना ओलंपिक का कोई महत्व नहीं है। जब ओलंपिक में कुश्ती ही नहीं होगी तो मेरे लिए पदक किस काम का। यदि आईओसी ने फैसला वापस नहीं लिया तो मैं पदक लौटा दूंगा।’

'कुश्ती के खिलाफ साजिश'
पूर्व पहलवान और कोच सतपाल सिंह का मानना है कि एक साजिश के तहत आईओसी ने कुश्ती को 2020 ओलंपिक से हटाने की सिफारिश की है। सतपाल ने कहा, ‘मेरा मानना है कि कुश्ती को हटाने की सिफारिश के पीछे कोई साजिश है। इस मामले में लेनदेन का मसला भी हो सकता है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि फीला की कमजोर रणनीति की वजह से आज कुश्ती को यह दिन देखना पड़ रहा है।
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