काशी की बेटी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड।
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दसवीं में पढ़ाई के दौरान 2013 में उन्हें मल्टी ड्रग ट्यूबरक्लॉसिस बीमारी ने अटैक किया और शरीर के निचले हिस्से में कमर से लेकर पैरों तक ने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने 11वीं से निशानेबाजी में कदम बढ़ाया और 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में अभ्यास शुरू किया। 2018 में प्री-स्टेट शूटिंग में स्वर्ण जीता।
प्रादेशिक के बाद मद्रास में जीवी मावलंकर में कांस्य पदक जीता। 2021 में दूसरे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने तीसरे और चौथे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण जीता। 2022 में फ्रांस के सेटूरेक्स वर्ल्ड कप और कोरिया में टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। 2023 में चीन में एशियन गेम्स की शूटिंग प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंची और सातवां स्थान हासिल किया।
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