महिला वर्ग में यूक्रेन की खिलाड़ी को मिली जीत
यूक्रेन की ग्रैंडमास्टर अन्ना मुजीचुक ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। इस टूर्नामेंट में जीत बहुत मायने रखती है। मुझे लगता है कि यह बड़ी सफलता है। भारत को नई पीढ़ी से कई नए और अच्छे खिलाड़ी मिल रहे हैं, लेकिन पुरानी पीढ़ी में भी कोनेरू हम्पी जैसी दिग्गज रही हैं। मैंने कोनेरू के साथ अपना पहला गेम तब खेला था जब मैं केवल सात साल की थी। उस समय उनकी आयु 10 साल की थी। यह 28 साल पहले की बात है। मुजीचुक ने कहा कि भारत महिला और पुरुष दोनों प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में कई और खिलाड़ी आएंगे, जिनके खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहेगा।