कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाले वेटलिफ्टर सतीश शिवालिंगम एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। 23 सितंबर को होने वाली उनकी इवेंट से एक दिन पहले सतीश की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
भारतीय दल की ओर से उन्हें आनन फानन में एक स्थानीय पॉलीक्लीनिक में भर्ती कराना पड़ा। वह तेज बुखार और उल्टियों के बीच अस्पताल में दाखिल हैं।
सतीश को इंचियोन एशियाड में भी पदक का बड़ा दावेदार माना जा रहा है, लेकिन वह अब नहीं खेल पाएंगे। सिर्फ सतीश ही नहीं बल्कि कुछ अन्य खेलों के खिलाड़ियों के भी बीमार होने की सूचना है। हालांकि इनकी बीमारी गंभीर नहीं है।
अभी यह खुलासा नहीं हो सका है कि सतीश की तबीयत किन कारणों से खराब हुई है लेकिन यह जरूर खुलासा हुआ है कि गेम्स विलेज में एक कंपनी की ओर से परोसे जा रहे डिब्बा बंद खाने के पैकेटों की जांच में बैक्टीरिया सॉल्मोनेला पाया गया है। इस बैक्टीरिया से डायरिया जैसी बीमारी फैलती है।
आयोजकों ने जांच के बाद इन सभी डिब्बों को फिकवा दिया है। हालांकि सतीश के मामले में अभी यह नहीं पता लगा है कि उन्होंने इसी डिब्बे का खाना खाया था या नहीं, लेकिन यह जरूर पता लगा है कि यह खाना विभिन्न देशों के वेटलिफ्टिंग, सेपक टकरा, फेंसिंग और शूटरों को दिया गया था। आयोजकों ने इस कैटरिंग का अनुबंध समाप्त कर दिया है।
इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के उपाध्यक्ष और यहां बतौर रेफरी बनकर आए सहदेव यादव ने बताया कि सतीश को तेज बुखार है। उनकी हालत कंपटीशन में भाग लेने लायक नहीं है। उसके आगे के भविष्य को देखते हुए उसे कंपटीशन में नहीं खिलाने का फैसला लिया गया है।
चेफ डि मिशन ने खाने की शिकायत की
भारतीय दल के चेफ डि मिशन आदिल सुमारीवाला ने सोमवार को भारतीय खिलाड़ियों को शाकाहारी खाना उपलब्ध नहीं कराए जाने की आधिकारिक शिकायत की।
आदिल ने स्वीकार किया कि सतीश को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। कारणों का बाद में पता लगेगा, लेकिन खाने के चलते बीमार होने की शिकायत अब तक किसी खिलाड़ी ने नहीं की है। हां, शाकाहारी खाना नहीं दिए जाने की रोजाना शिकायत आ रही है। जिसे वह लगातार आयोजकों के समक्ष रख रहे हैं।