विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप के कंपाउंड वर्ग के फाइनल में भारत के रजत चौहान को स्थानीय खिलाड़ी स्टीफन हेनसन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा लेकिन चौहान उपविजेता बनकर विश्व तीरंदाजी में भारत को पहला पदक दिलाने में जरूर सफल रहे।
पिछले साल एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य चौहान तीसरे सेट तक कड़ी होड़ में बने हुए थे लेकिन उसके बाद हेनसेन ने तीन अंकों की बढ़त लेकर पांच सेटों में मुकाबला 147-143 से जीत लिया।
रजत चौहान का सिल्वर मेडल भारत का विश्व चैंपियनशिप में पहला व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले दीपिका कुमारी, चेकरोवोलू स्वूरो और लैशराम बोम्बायला देवी की महिला रिकर्व टीम ने 2011 में विश्व चैंपियनशिप में भारत को पदक दिलाया था।
रविवार को रिकर्व में भारत के पास दो और पदक जीतने का मौका है। दीपिका कुमारी, रिमिल बरुलि और लक्ष्मीरानी माझी की टीम फाइनल में रूस से भिड़ेगी।
इसके अलावा लक्ष्मीरानी की कांस्य पदक के प्लेआफ के लिए कोरिया की मिसुन चोई से टक्कर होगी। रजत चौहान और हेनसन के बीच कंपाउंड वर्ग के फाइनल में पहले सेट में भारतीय खिलाड़ी ने यूथ वर्ल्ड चैंपियन को कड़ी टक्कर दी।
रजत ने दो परफेक्ट 10 और एक नौ का स्कोर बनाया। दूसरे सेट में भी कड़ी टक्कर हुई। दोनों खिलाड़ियों ने दो बार परफेक्ट 10 का स्कोर किया। दो सेट के बाद स्कोर 58-58 से बराबरी का था।
तीसरे सेट के बाद हेनसन ने 88-85 से बढ़त बना ली। चौथे सेट में रजत ने 30 का स्कोर किया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। हेनसन ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पांचवें सेट में बाजी मार ली।
हेनसन ने माना कि पहले दो सेट में वह काफी नर्वस हो गए थे लेकिन बाद में मैंने दबाव पर काबू पाया।