कार्लसन के चेहरे पर दिखी निराशा
मुकाबला समाप्त होने के बाद कार्लसन के चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। उन्होंने प्रज्ञानंद से हाथ मिलाया, सिर हिलाते हुए अपनी हताशा जाहिर की और कुछ ही देर बाद खेल क्षेत्र से बाहर चले गए।
कार्लसन के लिए यह हार सिर्फ एक मैच गंवाने भर की नहीं थी, बल्कि उनके आठवें नॉर्वे चेस खिताब के सपने को भी बड़ा झटका देने वाली साबित हो सकती है।
खिताब की दौड़ हुई रोमांचक
इस जीत के साथ 20 वर्षीय प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और टूर्नामेंट जीतने की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। दूसरी ओर, कार्लसन का अभियान इस बार उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्हें अब तक चार क्लासिकल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है, जिनमें दो हार प्रज्ञानंद के खिलाफ आई हैं।
टूर्नामेंट में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। उन्होंने जर्मनी के विंसेंट कीमर को आर्मागेडन टाईब्रेक में हराकर अपनी बढ़त मजबूत की। वहीं फ्रांस के अलीरेजा फिरूजा ने मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश को क्लासिकल मुकाबले में हराकर 13 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल कर लिया।