भारत की युवा रेसर (कार्ट रेसिंग ड्राइवर) अतीका मीर ने विश्व मोटरस्पोर्ट मंच पर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर अकादमी प्रोग्राम के दूसरे दौर में क्वालिफाइंग, हीट रेस और फाइनल्स में जीत दर्ज कर करियर की सबसे प्रभावशाली सफलता हासिल की। फार्मूला वन अकादमी का समर्थन पाने वाली 11 वर्षीय अतीका ने ओके-एनजे (12-14 वर्ष आयु वर्ग) श्रेणी में बेहद प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में दबदबा कायम किया। उन्होंने इस वर्ग में अपने पहले ही सत्र में कई अनुभवी पुरुष ड्राइवरों को कड़ी चुनौती देते हुए असाधारण प्रदर्शन किया।
सीरीज के इतिहास में दर्ज कराया नाम
अतीका पूरे सप्ताहांत प्रतिस्पर्धियों से एक कदम आगे नजर आईं। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें सीरीज के इतिहास में क्वालिफाइंग, हीट्स और फाइनल में क्लीन स्वीप करने वाली केवल तीसरी ड्राइवर बना दिया। राउंड 2.2 के फाइनल में उन्होंने दूसरे स्थान पर रहने वाले ड्राइवर से 2.6 सेकेंड से अधिक के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। मोटरस्पोर्ट में यह अंतर काफी बड़ा माना जाता है, खासकर तब जब सभी 25 ड्राइवर एक जैसी मशीनरी का उपयोग कर रहे हों।
अतीका मीर
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क्वालिफाइंग से फाइनल तक शानदार प्रदर्शन
मुंबई में जन्मीं और जम्मू-कश्मीर से पारिवारिक संबंध रखने वाली अतीका ने क्वालिफाइंग में 56.77 सेकेंड का रिकॉर्ड समय निकालकर पोल पोजीशन हासिल किया। वह दूसरे स्थान पर रहने वाले ड्राइवर से लगभग 3.19 सेकेंड आगे रहीं।
हीट रेस-1 में उन्होंने शुरुआत से अंत तक बढ़त बनाए रखी। हीट रेस-2 में भी अतीका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से एक सेकेंड से अधिक के अंतर से जीत दर्ज की और फाइनल के लिए ग्रिड में पहला स्थान हासिल किया। 15 लैप के फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही रेस पर नियंत्रण कर लिया और महज आठ लैप में 3.9 सेकेंड की बढ़त बना ली।
राष्ट्रगान सुनकर भावुक हुईं अतीका
जीत के बाद अतीका ने कहा, यह ट्रैक बहुत कठिन और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मैं सभी रेस जीतने में सफल रही। जब भारतीय राष्ट्रगान बजा तो मैं बहुत भावुक हो गई। मेरे लिए उससे बेहतर एहसास कोई नहीं हो सकता।
अतीका मीर
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पिता आसिफ मीर ने जताया गर्व
अतीका का लक्ष्य 1990 के दशक की शुरुआत के बाद फॉर्मूला-1 में पहुंचने वाली पहली महिला ड्राइवर बनना है। अतीका के पिता और पूर्व फॉर्मूला एशिया उपविजेता आसिफ मीर ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, 'उसकी गति, आक्रामकता और पेशेवर रवैये ने मुझे हैरान कर दिया। फाइनल में दुर्घटना के बाद वह पहले दिन से ही काफी परेशान थी। शायद उसी ने उसे इतना दमदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। यह भारतीय मोटरस्पोर्ट के लिए गर्व का क्षण है।' अतीका मीर का यह प्रदर्शन भारतीय मोटरस्पोर्ट के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है।