कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय भारोत्तोलकों का शानदार प्रदर्शन जारी है। इस इवेंट में देश को कुल छह पदक मिले हैं और सभी वेटलिफ्टिंग में ही आए हैं। पुरुषों के 73 किलोग्राम फाइनल में अचिंता शेउली ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस इवेंट में यह भारत का तीसरा स्वर्ण है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इस युवा एथलीट की सराहना की और कहा कि अब एक पदक आ चुका है तो उन्हें उम्मीद है कि शेउली को आखिरकार एक फिल्म देखने का समय मिलेगा। इसके साथ ही पीएम मोदी ने ट्विटर पर भारतीय खिलाड़ियों के साथ बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया। यब बातचीत भारतीय दल के बर्मिंघम रवाना होने से पहले की है।
वीडियो में, पीएम मोदी ने शेउली से शांत और केंद्रित व्यवहार के बारे में सवाल पूछा। साथ ही जानना चाहा कि वो फिल्मों को कितना पसंद करते हैं, लेकिन वह अपने व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें नहीं देख सकते हैं। बाद में मोदी कहते हैं कि एक बार स्वर्ण पदक के साथ लौटने पर आप भरपूर फिल्में देख सकते हैं। क्योंकि आपके पास खुद का मनोरंजन करने के लिए पर्याप्त समय होगा।
इस बातचीत को याद करते हुए, पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हमारे दल के रवाना होने से पहले, मैंने अचिंता शेउली के साथ बातचीत की थी। हमने उनकी मां और भाई से मिले समर्थन पर चर्चा की थी। मैं यह भी उम्मीद करता हूं कि अब उन्हें एक फिल्म देखने का समय मिलेगा, क्योंकि उन्होंने एक पदक जीत लिया है।"
अचिंता शेउली ने पुरुषों के 73 किग्रा फाइनल में 313 किग्रा की संयुक्त लिफ्ट के साथ स्वर्ण पदक जीता। इवेंट के दौरान, उन्होंने स्नैच राउंड में अपने आखिरी प्रयास में 143 किग्रा भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का एक नया रिकॉर्ड बनाया। अपने तीसरे क्लीन एंड जर्क प्रयास में 170 किग्रा की सफल लिफ्ट के साथ, अचिंता शेउली ने कुल 313 किग्रा (143 किग्रा+170 किग्रा) के साथ समाप्त किया।
पदक जीतने के बाद क्या बोले शेउली
पदक जीतने के बाद शेउली ने कहा "मैं बहुत खुश हूं। कई संघर्षों को पार करने के बाद, मैंने यह पदक जीता। मैं इस पदक को अपने भाई और कोचों को समर्पित करूंगा। इसके बाद, मैं ओलंपिक की तैयारी करूंगा,"
अचिंता शेउली ने क्लीन एंड जर्क के अपने पहले प्रयास में 166 किग्रा वजन उठाया, लेकिन 170 किग्रा में अपने दूसरे प्रयास से लड़खड़ा गए। हालांकि, तीसरे प्रयास में उन्होंने 170 किग्रा वजन उठाने में सफलता पाई और स्वर्ण पदक जीत लिया। मलेशिया के एरी हिदायत ने उन्हें चुनौती दी। हालांकि, उन्हें रजत पदक के साथ समझौता करना पड़ा, जिन्होंने 303 किग्रा (138 किग्रा + 165 किग्रा) वजन उठाया। कनाडा के शाद डार्सिग्नी ने 298 किग्रा (135 किग्रा + 166 किग्रा) प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।