पहलवान अंतिम पंघाल अपने पर्सनल कोच भगत सिंह के साथ।
- फोटो : संवाद
अंतिम पंघाल पर प्रतिबंध लगाने की खबरों का भारतीय ओलंपिक संघ ने खंडन कर दिया है। आईओए ने कहा है कि उन्होंने अंतिम पर कोई बनै नहीं लगाया है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से अनुरोध करते हुए कहा कि कृपया ऐसी रिपोर्ट पोस्ट करने से पहले आईओए नेतृत्व से जांच कर लें। दरअसल, पेरिस गए भारतीय दल के एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया था कि अनुशासनहीनता के लिए पहलवान अंतिम पंघाल पर आईओए द्वारा तीन साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा।
दरअसल, अंतिम ने पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 53 किलोग्राम कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। यह वही भार वर्ग है जिसमें पहले विनेश हिस्सा लेती थीं।अंतिम और उनकी बहन को पेरिस से निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है। अंतिम ने खेल गांव से अपना निजी सामान लेने के लिए अपना आधिकारिक मान्यता कार्ड अपनी छोटी बहन को सौंप दिया और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। ऐसे में फ्रांसीसी अधिकारियों द्वारा अनुशासनात्मक उल्लंघन का आरोप लगाए जाने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ ने संज्ञान लिया है। भारतीय पहलवान अंतिम, उनकी बहन और उनके सहयोगी स्टाफ को भारत वापस भेजने का फैसला लिया है।
अंतिम बुधवार को महिलाओं की कुश्ती के 53 किग्रा भार वर्ग में अपना पहला मुकाबला हारने के बाद ओलंपिक से बाहर हो गई थीं। उन्हें हराने वाली पहलवान भी आगे के राउंड में बाहर हो गईं, इस वजह से अंतिम का रेपेचेज से आगे बढ़ने का रास्ता भी बंद हो गया। फ्रांसीसी अधिकारियों द्वारा अनुशासनात्मक उल्लंघन के बारे में संज्ञान में लाए जाने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ ने उन्हें और उनके सहयोगी स्टाफ को वापस स्वदेश भेजने का फैसला किया।
अंतिम हार गईं
कुश्ती में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद अंतिम पंघाल पेरिस ओलंपिक में बुधवार को महिलाओं के 53 किलोवर्ग में तुर्की की येतगिल जेनिप से 10-0 से शर्मनाक हार के बाद बाहर हो गईं। ओलंपिक डेब्यू करने वाली 19 वर्षीय अंतिम की रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक की दौड़ में बने रहने की उम्मीद भी तब टूट गई जब जेनिप क्वार्टर फाइनल में जर्मनी की एनिका वेंडल से हार गईं। इससे पहले विश्व कप चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता और इस वर्ग में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली अंतिम 101 सेकंड में ही हार गईं। पहले विनेश इस भारवर्ग में खेलती थीं।