भारत के अनुभवी गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने स्वीकार किया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पेरिस ओलंपिक के पहले मैच में 3-2 से मिली रोमांचक जीत आने वाले कठिन मैचों से पहले उनकी टीम के लिए खतरे की घंटी है। हालांकि, कोच क्रेग फुल्टोन ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई है। कप्तान हरमनप्रीत ने 59वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करके टीम को जीत दिलाई।
अपना चौथा ओलंपिक खेल रहे श्रीजेश ने कहा, 'ओलंपिक में पहला मैच कभी आसान नहीं होता। न्यूजीलैंड आसान टीम नहीं है और हमने भी कुछ गलतियां की। यह अच्छी खतरे की घंटी की तरह है। अहम बात यह है कि हमने तीन अंक बनाए।' वहीं, कोच फुल्टोन ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना का मैच भी 1-0 रहा। ओलंपिक में मुकाबले बहुत करीबी होते हैं। हमारे लिए यह जीत अहम है और खिलाड़ियों ने रणनीति पर अमल किया।'
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी गोलकीपर और पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश ने संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया कि पेरिस ओलंपिक उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय दौरा होगा। 36 साल के श्रीजेश का यह चौथा ओलंपिक है। उनकी कप्तानी में भारत ने 2016 रियो ओलंपिक में हिस्सा लिया था और टीम आठवें स्थान पर रही थी। हालांकि, उन्होंने 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम के साथ ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था। श्रीजेश भारत के लिए 329 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। इसके अलावा वह कई राष्ट्रमंडल खेल और विश्व कप में भी हिस्सा ले चुके हैं।
2010 विश्व कप में डेब्यू करने के बाद श्रीजेश भारत के लिए कई यादगार जीत का हिस्सा रहे हैं, जिसमें 2014 एशियाई खेलों में स्वर्ण और जकार्ता-पालेमबांग में 2018 एशियाड में कांस्य पदक शामिल है। वह 2018 में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की संयुक्त विजेता टीम के अलावा, भुवनेश्वर में 2019 एफआईएच पुरुष सीरीज फाइनल चैंपियन टीम में भी थे। इसके अलावा वह 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक और 2023 एशियाई चैंपियन ट्रॉफी जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। 2022 एशियाई खेलों में उन्होंने भारत को स्वर्ण जीतने में मदद की थी।