भारतीय कोच हरगोविंद ने इस फैसले को चुनौती दी लेकिन फैसला उनके खिलाफ गया जिससे गुरप्रीत ने एक और अंक गंवाया। सर्बियाई पहलवान ने इसके बाद अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए अगले दौर में जगह बनाई। विक्टर को इसके बाद क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के अशखत दिलमुखामेदोव के खिलाफ हार झेलनी पड़ी जिससे गुरप्रीत की रेपेचेज के जरिए पदक के लिए चुनौती पेश करने की उम्मीद भी टूट गई।
विक्टर के खिलाफ शिकस्त से पहले गुरप्रीत ने शानदार शुरुआत करते हुए ऑस्ट्रिया के माइकल वैगनर को चित्त किया था। मनीष ने भी 60 किग्रा वर्ग के 1/16 मुकाबले में फिनलैंड के लारी योहानेस मेखोनेन को हराया। भारतीय पहलवान एक समय 0-3 से पीछे थे लेकिन इसके बाद लगातार 11 अंक के साथ उन्होंने तकनीकी दक्षता के आधार पर जीत दर्ज की।
मनीष ने मैट पर तेजी और आक्रामकता दिखाई जबकि मेखोनेन ने बमुश्किल हमला किया। मनीष को हालांकि अगले दौर में मालदोवा के दुनिया के तीसरे नंबर के पहलवान विक्टर सियोबानु के खिलाफ तकनीकी दक्षता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। मालदोवा का मुक्केबाज इसके बाद क्वॉर्टर फाइनल में जापान के केनिचिरो फुमिता से हार गया जिससे मनीष पदक की दौड़ से बाहर हो गए।