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विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप: अमित पंघाल ने फाइनल में पहुंच रचा इतिहास, मनीष को कांस्य पदक

Fri, 20 Sep 2019 05:18 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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अमित पंघाल (बाएं) और मनीष कौशिक - फोटो : अमर उजाला
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अमित पंघाल शुक्रवार को कजाकिस्तान के साकेन बिबोसिनोव को 3-2 से हराकर विश्व मुक्केबाजी चैंपियशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। भारत के अन्य सेमीफाइनलिस्ट मनीष कौशिक को भाग्य का साथ नहीं मिला। क्यूबा के विश्व चैंपियन एंडी क्रूज से मिली हार के बाद उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।

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कजाकिस्तान के एकतेरिनबर्ग में चल रहे विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में शुक्रवार को 52 किग्रा फ्लाईवेट कैटेगिरी के सेमीफाइनल में पंघाल ने एक कांटे के मुकाबले में 3-2 से मात देते हुए यह कमाल किया। अब अमित फाइनल में शनिवार को उजबेकिस्तान के मुक्केबाज शाखोबिदीन जोइरोव से भिड़ेंगे। जिन्होंने फ्रांस के बिलाल बेनामा को दूसरे सेमीफाइनल में शिकस्त दी।
 



2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियन खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पंघाल की सफलता का ग्राफ 2017 में चढ़ा। एशियाई चैम्पियनशिप में 49 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक से हुई थी। वह 2017 में ही विश्व चैम्पियनशिप में पदार्पण करते हुए क्वार्टरफाइनल तक पहुंचे थे।
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अमित ने बुल्गारिया में प्रतिष्ठित स्ट्रांदजा मेमोरियल में लगातार स्वर्ण पदक हासिल किए और फिर वह 2018 में एशियाई चैम्पियन बने। इस साल उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप का स्वर्ण अपने नाम कर किया और फिर 49 किग्रा के ओलंपिक कार्यक्रम से हटने के बाद 52 किग्रा में खेलने का फैसला किया।

 

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मनीष कौशिक को कांस्य

मनीष कौशिक - फोटो : ट्विटर

वहीं, इंडियन आर्मी में सूबेदार मनीष कौशिक सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय बॉक्सर थे, जिन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल में पहुंचने से ठीक एक कदम पहले 63 किग्रा भारवर्ग में उन्हें सेमीफाइनल में क्यूबा के मुक्केबाज एंडी गोम्ज ने 5-0 के अंतर से रौंदा। इस तरह इस टूर्नामेंट में उनका सफर खत्म हुआ।

पहले 60 किलोग्राम में खेलने वाले मनीष ने हाल ही में 63 किलोग्राम में स्विच किया है. और इस कैटेगरी में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। साल 2017 में शिवा थापा को हराकर नेशनल चैंपियन बनने वाले कौशिक ने 2018 के इंडिया ओपन बॉक्सिंग टूर्नामेंट में भी उन्हें मात दी थी, हालांकि इस साल हुए इंडिया ओपन के फाइनल में थापा ने अपनी हार का बदला लेते हुए उन्हें 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया था। मनीष कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडल और इंडिया ओपन में गोल्ड जीत चुके हैं।

अब तक सिर्फ ब्रॉन्ज मेडल

बता दें कि यह विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारतीय टीम का अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत के दो बॉक्सर कभी भी सेमीफाइनल तक नहीं पहुंचे थे। इससे पहले देश ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में चार ब्रॉन्ज जीते हैं। इससे पहले भारतीय मुक्केबाजों ने विश्व चैंपियनशिप में 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। विजेंदर सिंह ने 2009 में, विकास कृष्ण ने 2011 में, शिव थापा ने 2015 और गौरव बिधुड़ी ने 2017 में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।

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