यूथ ओलंपिक में जेरमी लालरिनुनगा की स्वर्णिम सफलता के बाद वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) और इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्लूएफ) ने भारतीय वेटलिफ्टरों पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। वाडा की टीम ने शुक्रवार को एनआईएस पटियाला में छापेमारी करते हुए भारतीय वेटलिफ्टरों को डोप सैंपलिंग के लिए तलब कर लिया। टीम के निशाने पर पूर्व वर्ल्ड चैंपियन मीराबाई चानू और ब्यूनस आयर्स में यूथ ओलंपिक का गोल्ड जीतने वाले जेरमी थे। एक सप्ताह के अंदर वाडा ने जेरमी का बिना किसी को सूचित किए लगातार दूसरा सैंपल लिया है।
ऐसा बहुत कम होता है जब कुछ ही दिनों के अंतराल में वाडा की ओर से एक खिलाड़ी को लगातार निशाना बनाया जाए। बीते सप्ताह भी यहीं पर डोप सैंपल लेने के बाद भारतीय दल ने यह नहीं सोचा था कि वाडा की टीम फिर सैंपल लेने आएगी। शुक्रवार को जब वाडा टीम सैंपलिंग के लिए पहुंची तो सभी हैरान रह गए। टीम उस दौरान ट्रेनिंग हॉल में तैयारियां कर रही थी।
वाडा टीम ने कोच को लिफ्टरों का सैंपल दिलाने को कहा, लेकिन इस बार कोच ने साफ कर दिया कि वह ट्रेनिंग सत्र खराब नहीं करेंगे। लिफ्टरों के सैंपल दिए जाएंगे, लेकिन ट्रेनिंग सत्र खत्म होने के बाद। सुबह का ट्रेनिंग सत्र खत्म होने के बाद ही वाडा की टीम ने एक बार फिर जेरमी के अलावा मीराबाई, गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट अजय सिंह, विकास ठाकुर और दो दिन पूर्व ही टॉप्स में शामिल किए उभरते लिफ्टर अचिंत्य शेहुली का सैंपल लिया।
आईओसी और वाडा के राडार पर हैं वेटलिफ्टिंग
डोपिंग को लेकर वेटलिफ्टिंग, इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) और वाडा के राडार पर है। आईओसी ने तो डोपिंग पर लगाम नहीं कसने पर वेटलिफ्टंग को ओलंपिक से बाहर करने की धमकी दे रखी है। इसके बाद ही आईडब्लूएफ ने युद्ध स्तर पर डोपिंग से निपटने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। खुद आईडब्लूएफ और वाडा ने दुनिया भर में वेटलिफ्टरों के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रखा है।