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भारतीय वेटलिफ्टर घर में पास वाडा टेस्ट में फेल, सैंपल में निकला स्टेरॉयड स्टेनोजोलॉल

Mon, 26 Nov 2018 01:46 AM IST
हेमंत रस्तोगी, स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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dope test
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नेशनल डोप टेस्टिंग लैबोरेटरी (एनडीटीएल) की ओर से की गई टेस्टिंग में पाक-साफ निकली वेटलिफ्टर वाडा की डोप टेस्टिंग में पकड़ी गई है। जिस सैंपल को एनडीटीएल ने टेस्ट किया और उसकी नेगेटिव रिपोर्ट दी उसी सैंपल को वाडा ने मांट्रियॉल (कनाडा) की लैबोरेटरी से टेस्ट कराया जिसमें लिफ्टर के सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरायड स्टेनोजोलॉल पाया गया है।

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वाडा ने इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन को इसकी सूचना देते हुए 21 नवंबर से इस लिफ्टर पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है। डोप में फंसने वाली यह लिफ्टर यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीत चुकी हरियाणा की पूनम दलाल है। पूनम का सैंपल नाडा ने 10 अगस्त को वल्र्ड यूनिवर्सिटी वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप केलिए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हुए ट्रायल के दौरान लिया था।

ऐसा कम होता है जब वाडा से मान्यता प्राप्त लैब का नेगेटिव निकला सैंपल दूसरी लैब में पॉजिटिव पाया जाए, लेकिन वाडा अपने कोड 6.5 और 7.1.1 के आधार पर किसी भी लैब में टेस्ट किए गए सैंपल का दूसरी लैब में एडवांस टेस्ट करा सकती है। इसी आधार पर वाडा ने पूनम का सैंपल मांट्रियॉल भेजा, लेकिन इसमें हैरानीजनक तरीके से कनाडा के स्प्रिंटर बेन जॉनसन फेम स्टेरायड स्टेनोजोलॉल निकला।
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वाडा इस मामले में एनडीटीएल की ओर से की गई इस सैंपल की टेसंर्टग की जानकारी मांग सकती है। वाडा अपनी मान्यता प्राप्त लैबों में किए गए सैंपल की टेस्टिंग करती रहती है। वाडा की ओर से लैब की मान्यता आगे बढ़ाने का एक प्रावधान इस तरह की टेस्टिंग के परिणाम भी होते हैं।
 

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मुश्किल में फंसी फेडरेशन

यह वही चैंपियनशिप है जिसके लिए इंटरनेशनल फेडरेशन ने भारतीय टीम को पोलैंड में खेलने से रोक दिया था। फेडरेशन का तर्क था कि भारत की ओर से खेलने वाले लिफ्टरों के व्हेयर अबाउट (डोप टेस्ट के लिए खिलाड़ियों की सूचना) नहीं भेजी गई है। यह सूचना एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज ने इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन को नहीं दी थी। इसी चैंपियनशिप के लिए चुनी गई चार सदस्यीय टीम में पूनम दलाल का नाम था।

हालांकि इस ट्रायल में नाडा की ओर से लिए गए सैंपल में दो अन्य लिफ्टर डोप में फंसे थे लेकिन उनका टीम में चयन नहीं हुआ था। उस दौरान तो इंडियन फेडरेशन बच गई, लेकिन अब पूनम का डोप में फंसना उसे भारी पड़ सकता है। नए नियम केमुताबिक 2020 तक अगर किसी देश के 20 लिफ्टर डोप में फंसते हैं तो उनका एक-एक वेटलिफ्टर ही ओलंपिक में खेल पाएगा। पूनम के डोप में फंसने से भारतीय लिफ्टरों के अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग में फंसने की संख्या 14 हो गई है।
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