आईपीएल के धूम-धड़ाकों के बीच कुश्ती में भारत की महिला पहलवानों ने कीर्तिमान रच दिया है। 2 महिला पहलवानों विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने शनिवार को शानदार खेल दिखाते हुए रियो ओलंपिक के लिए टिकट कटा लिया है।
ओलंपिक खेलों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ओलंपिक गेम्स में भारत की दो महिला पहलवानों ने क्वालीफाई किया है।
इस्तांबुल में खेले जा रहे दूसरे ओलंपिक क्वालीफायर्स टूर्नामेंट में विनेश ने 48 किग्रा भारवर्ग में जबकि साक्षी ने 58 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश की थी और खेलों में इस महाकुंभ में खेलने का मौका हासिल कर लिया। मौजूदा टूर्नामेंट ओलंपिक कोटा हासिल करने के लिए अंतिम क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है और केवल फाइनल में पहुंचने वाले दो खिलाड़ी ही ओलंपिक कोटा सुनिश्चित कर सकेंगे। शनिवार को मिले दो कोटा स्थान के साथ भारत अब तक छह ओलंपिक कोटा हासिल कर चुका है।
विनेश के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि क्योंकि पिछले महीने मंगोलिया में हुए टूर्नामेंट में वह अपने भारवर्ग में 400 ग्राम वजन अधिक होने के कारण डिस्क्वालीफाई हो गईं थीं। विनेश को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था और विनेश ने भारतीय कुश्ती संघ से अगले टूर्नामेंट में ओलंपिक कोटा हासिल करने का वादा किया था और इसमें वह सफल रहीं। साक्षी मलिक जिन्हें 58 भारवर्ग में सीनियर गीता फोगाट की जगह मौका दिया गया था।
2012 में लंदन ओलंपिक में गीता फोगाट ओलंपिक टिकट कटाने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनी थी।
इससे पहले विश्व ओलंपिक क्वालीफायर्स टूर्नामेंट में भारतीय ग्रीको रोमन पहलवान गुरप्रीत सिंह को अपने भारवर्ग से 500 ग्राम वजन अधिक पाए जाने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया है। पंद्रह दिन के अंदर यह दूसरा वाक्या है जब कोई भारतीय पहलवान अपने भारवर्ग से अधिक वजन पाए जाने के कारण डिस्क्वालीफाई किया गया है।
इस प्रकरण पर भारतीय कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा था टीम के लौटने के बाद गुरप्रीत के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा क्योंकि एक भारवर्ग में भारतीय उम्मीदें निराशाजनक ढंग से टूट गईं। भारतीय फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन टीम जार्जिया में पिछले एक महीने से ट्रेनिंग कर रही हैं और सरकार ने टीम पर काफी पैसा खर्च किया है। अपने भारवर्ग के हिसाब से वजन रखना भी ट्रेनिंग का हिस्सा होता है। गुरप्रीत को निलंबित भी किया जा सकता है।