भारतीय बैडमिंटन टीम के पूर्व कोच विमल कुमार का मानना है कि किदांबी श्रीकांत और एचएस प्रणय को आगामी एशियाई खेलों में पदक जीतने के लिए वैकल्पिक योजना पर काम करना होगा, खासकर तब जब वे दबाव में होते हैं। श्रीकांत विश्व चैंपियनशिप के प्री क्वार्टर फाइनल में मलयेशिया के अनुभवी डेरेन लियू से हार गए थे, तो वहीं प्रणय को ब्राजील के गुमनाम खिलाड़ी इगोर कोल्हो से शिकस्त झेलनी पड़ी।
विमल ने कहा, 'मैं श्रीकांत और प्रणय से वास्तव में निराश हूं। उन्हें अपने खेल में स्थिरता लाने की जरूरत है। खास कर तब जब उनके पक्ष में कुछ योजना काम नहीं करती तो उन्हें अलग तरह खेलना होगा। वे ऐसा करने में नाकाम रहे हैं। वे आक्रामक खिलाड़ी हैं और जब चीजें उनके अनुरूप नहीं होती हैं तो वे प्रतिद्वंद्वी का सामना करने में सक्षम नहीं रहे हैं। उन्हें इस पर काम करना होगा।'
उन्होंने कहा, 'एशियाई खेलों में कुछ भी हो सकता है क्योंकि शीर्ष स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ियों के खेल में निरंतरता नहीं है। मोमोटा को छोड़कर कोई भी कुछ खास नहीं खेल रहे हैं।' विश्व चैंपियनशिप में पुरुष एकल खिलाड़ियो ने निराश किया तो वहीं पीवी सिंधू ने ओलंपिक चैंपियन कैरोलिना मारिन से एक और फाइनल हारने के बाद इस टूर्नमेंट का अपना दूसरा सिल्वर मेडल जीता।
ली चोंग की अनुपस्थिति को नहीं भुना पाए
विमल के लिए ज्यादा निराशाजनक यह है कि विश्व चैंपियनशिप में ली चोंग वेई की गैरमौजूदगी का श्रीकांत फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने कहा, 'श्रीकांत को ली चोंग की गैरमौजूदगी का फायदा उठाना चाहिए था। लियू के पक्ष में कोई बड़ा मैच नहीं गया था। कभी-कभी, आप एक शीर्ष खिलाड़ी पर हावी हो सकते हैं लेकिन लियू प्रणय या श्रीकांत के स्तर के खिलाड़ी नहीं हैं। श्रीकांत के लिए यह अच्छा नतीजा नहीं था।'