भारत के पेशेवर बॉक्सर विजेंदर सिंह ने शनिवार को विश्व बॉक्सिंग संगठन के एशिया-पेसेफिक टाइटल को अपने नाम किया। इस जीत के बाद विजेंदर ने एक बड़ा बयान दिया है।
एक इंटरव्यू में विजेंदर ने ओलंपिक में पदक जीत को अपने करियर की सबसे बड़ी जीत बताया। विजेंदर ने कहा कि ओलंपिक जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस जीत ने ही उस विजेंदर सिंह को बनाया, जिसे आज दुनिया जानती है।
विजेंदर ने 23 अगस्त 2008 के उस दिन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कोच को यकीन दिलाया कि वो मेडल जीत कर लाएंगे। उसके बाद रिंग में क्या हुआ वो तो उन्हें याद नहीं, मगर मैच के अंत में उनका नाम लिया गया।
विजेंदर भारत की तरफ से पदक जीतने वाले पहले बॉक्सर हैं। अपने सबसे खराब पल के बारे में उन्होंने कहा कि लंदन ओलंपिक में क्वार्टरफाइनल की हार उनके लिए सबसे बुरा पल था। विजेंदर ने भारतीय दल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वो लगातार दो ओलंपिक पदक जीतना चाहते थे। भिवानी के इस मुक्केबाज को उम्मीद है कि भारत को इस बार कई पदक मिलेंगे।