विजय माल्या और उनका खेल प्रेम किसी से छुपा नहीं है। 'किंग ऑफ गुड टाइम्स' कहलाए जाने वाले माल्या अपने बुरे वक्त के चलते मार्च 2016 से ही भारत से बाहर है। अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स संस्था एफआईए में विजया माल्या भारत की ओर से मुख्य प्रतिनिधि बने हुए हैं। गौरतलब है कि भारत में बैंको का पैसा न चुकाने के मामले में माल्या के प्रत्यर्पण की बात चल रही है।
गौरतलब है कि माल्या पर बढ़ रहे आर्थिक संकट के चलते भारतीय मोटरस्पोर्ट्स संस्था एफएमएससीआई ने माल्या को अपने चेयरमैन पद से हटा दिया था। हालांकि, एफएनएससीआई का कहना है कि उनके पास एफआईए में अपना अधिकार बरकरार रहेगा। हालांकि, जब से माल्या का पासपोर्ट जब्त किया गया है, तभी से उनकी जगह विकी चंडोक विदेशों में एफआईए की जरूरी बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।
माल्या को हटाना भारत को पड़ेगा महंगा
विजय माल्या
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एफएमएससीआई के अध्यक्ष अकबर इब्राहिम ने पीटीआई से कहा, "हम 3 साल तक एफआईए के लिए प्रतिनिधि का नामांकन करते हैं। नया नाम तभी नामांकित हो सकता है, जब मौजूदा टर्म खत्म हो। अब 2018 में ही भारत नया प्रतिनिधि चुनेगा। यदि माल्या या विकी की जगह किसी और को शामिल किया जाता है, तो भारत वर्ल्ड मोटर स्पोर्ट्स काउंसिल में अपनी सीट गंवा देगा।"
एफआईए चार पहिया रेसिंग की अंततराष्ट्रीय संस्था है और एफआईएम दो पहिया वाहनों की अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्था है। साथ ही इंब्राहिम ने कहा, "माल्या और विकी के होने से भारतीय मोटर स्पोर्ट्स को फायदा ही है। दोनों एफआईए से गहराई से जुड़े हुए हैं।" बता दें माल्या के पास 'फोर्स इंडिया' नाम की एक फॉर्मुला वन टीम भी है, जो 2016 में चौथे स्थान पर थी और इस साल 5 रेसों में इसके पास 53 अंक है।