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मुकाबले से पहले उसेन बोल्ट ने बताया, क्या है उनकी 'आखिरी इच्छा'

Wed, 10 Aug 2016 04:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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उसेन बोल्ट - फोटो : getty
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दुनिया के सबसे तेज इंसान उसेन बोल्ट रियो में भी अपनी चमक बिखेरने को तैयार हैं। यह उनका तीसरा ओलंपिक है। इससे पहले बीजिंग और लंदन ओलंपिक में बोल्ट तीन-तीन स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच चुके हैं। उनके नाम पुरुषों की 100 और 200 मीटर  दौड़ का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। लेकिन उनके करियर की आखिरी इच्छा क्या है? वह कौन सी उपलब्धि है जिसे वह हासिल करना चाहते हैं ?
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बोल्ट ऐसा कारनामा करना चाहते हैं जिसे अब तक कोई इंसान नहीं कर सका है। वह 200 मीटर की दूरी 19 सेकेंड से कम समय में पूरी करना चाहते हैं। इस बात का खुलासा बोल्ट ने रियो में एक आयोजित एक कार्यक्रम में किया।

बोल्ट ने कहा, "उनका आखिरी लक्ष्य 200 मीटर की दूरी 19 सेकेंड से कम समय में पूरी करना है, और वह इसके लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। वह किसी भी सूरत में इस लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं।" उन्होंने आगे कहा "वह हमेशा से यह दूरी 19 सेकेंड से कम समय में तय करना चाहते थे, इस बार उनका पूरा ध्यान इसी पर केंद्रित है।"
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लगातार 3 ओलंपिक में 3 गोल्ड जीतने की ख्वाहिश रखने वाले बोल्ट ने कहा, "मैं लोगों का मनोरंजन करना चाहता हूं, दर्शक मैदान में इसीलिए आते  हैं और मैं उन्हें कुछ अलग देना चाहता हूं।" 

बोल्ट ने साल 2009 में बर्लिन में 100 और 200 मीटर की दूरी 9.58 और 19.19 सेकेंड में तय करके वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया था। सात साल से उनका यह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम है। अब वह खुद ही अपने रिकॉर्ड को चुनौती दे रहे हैं।
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शुक्रवार को शुरू होंगे एथलेटिक्स के मुकाबले

रियो ओलंपिक - फोटो : getty
रियो ओलंपिक में एथलेटिक्स के मुकाबले शुक्रवार को शुरू हो रहे हैं। सबकी नजरें इस बार भी लाइटनिंग बोल्ट पर रहेंगी। प्रशंसक बोल्ट को स्वर्ण पदकों का ट्रिपल-ट्रिपल पूरा करता देखना चाहते हैं। बोल्ट 100 मीटर, 200 मीटर और 4 गुणा 100 मीटर स्पर्धाओं में भाग लेते हैं। और वह पिछले बीजिंग ओलंपिक (2008) और लंदन ओलंपिक (2012) में तीनों स्पार्धाओं में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

रियो से पहले बांईं जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण उनका रियो में भाग लेना मुश्किल नजर आ रहा था, लेकिन चयनकर्ताओं ने चोट के बावजूद उन्हें टीम में शामिल किया। लेकिन चोट से उबरकर जुलाई में ब्रिटेन की राजधानी लंदन में आयोजित डायमंड लीग में 200 मीटर का खिताब जीतकर उन्होंने रियो के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी थी।
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