बीजिंग ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा को पता था कि सोमवार को उनके शानदार करियर का अंतिम दिन है। वह संन्यास की घोषणा पहले ही कर चुके थे। बावजूद इसके उन्होंने नजदीकी अंतर से पदक से वंचित रहने के बावजूद अपनी भावनाओं का इजहार नहीं किया।
पांचवां ओलंपिक खेलने वाले बिंद्रा ने कहा, "मैं मीडिया के सामने भावुक नहीं होना चाहता। शांत रहना और अधीर न होना मेरा दायित्व है। मुझे पता था कि मेरे संन्यास का दिन आ गया है। मैंने अपना श्रेष्ठ करने का प्रयास किया लेकिन पदक नहीं जीत सका लेकिन संन्यास के फैसले को लेकर मुझे कोई पछतावा नहीं हैं। मैं सूकुन से हूं।"
जल्द ही 34 साल के होने जा रहे बिंद्रा ने कहा कि अब फिर से शूटिंग रेंज में जाने का कोई चांस नहीं है। वह अपने संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। इस फैसले पर पुनर्विचार का सवाल नहीं। अब वह अपनी फाउंडेशन के जरिए 30 युवा निशानेबाजों की मदद कर रहे हैं। वह जो कर सकता है उसे करने की कोशिश जरूर करेंगे।
संन्यास के बाद अब अभिनव क्या करेंगे। यह सवाल सभी के जेहन में है। इस सवाल पर अभिनव के पिता डॉ. ए एस बिंद्रा ने कहा था उनके 13 एकड़ के फॉर्म हाऊस में वातानुकूलित शूटिंग रेंज है। अगर बिंद्रा शूटिंग रेंज में नहीं जाएगा तो उसका क्या होगा। इस पर अभिनव ने तपाक से जवाब दिया हम उसे सब्जियों के बगीचे में बदल देंगे। हो सकता है कि टोक्यो ओलंपिक (2020) में यदि मुझे नौकरी मिली तो वह एक पत्रकार के तौर पर ओलंपिक में जाएं।