लाइटनिंग बोल्ट के नाम से विख्यात जमैकाई धावक उसेन बोल्ट ने लगातार तीसरी बार ओलंपिक स्वर्ण पदकों की तिगड़ी (ट्रिपल-ट्रिपल) पूरी करके इतिहास रच दिया है। बीजिंग से लेकर रियो तक बोल्ट ने ऐसी दौड़ लगाई कि दुनिया का कोई धावक उन्हें पीछे नहीं छोड़ पाया। लगातार तीन ओलंपिक की तीन स्पर्धाओं में अपराजित रहने वाले बोल्ट ओलंपिक इतिहास के पहले खिलाड़ी हैं।
वह नौ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले विश्व के एक मात्र एथलीट हैं। उनसे ज्यादा 23 स्वर्ण पदक केवल माइकल फेल्पस ने जीते हैं। जिन तीन स्पर्धाओं 100 मीटर, 200 मीटर, 4गुणा 100 रिले में बोल्ट ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। उन तीनों स्पर्धाओं के विश्व और ओलंपिक रिकॉर्ड बोल्ट के नाम दर्ज हैं।
रियो में अपना तीसरा स्वर्ण पदक जीतने के बाद बोल्ट ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं महान हूं। जब मैंने शुरुआत की थी तब मैंने भी नहीं सोचा था कि मैं कुछ ऐसा कर पाउंगा। रियो बोल्ट के करियर का आखिरी ओलंपिक है, बोल्ट ने जीत प्रतिक्रिया देते हुए ब्राजील के लोगों का समर्थन करते हुए धन्यवाद दिया और कहा, मैं खुश भी हूं और दुःखी भी। आपसे मिले प्यार और समर्थन ने मेरे रोंगटे खड़े कर दिए।
आज खेले 100 मीटर रिले स्पर्धा में जमैका की टीम ने 37.27 सेकेंड में 400 मीटर की दूरी पूरी कर स्वर्ण पदक हासिल किया। 37.60 सेकेंड में जापान की टीम ने रजत पदक हासिल किया और नया एशियाई रिकॉर्ड स्थापित किया। तीसरे स्थान पर अमेरिकी टीम रही जिसने 37.64 सकेंड में दौड़ पूरी की।
हालांकि बोल्ट ने रियो ओलंपिक से पहले 200 मीटर की दूरी 19 सकेंड से कम समय में पूरी करने का दावा किया था लेकिन यह दूरी 19.78 सकेंड में पूरी कर सके। वहीं बोल्ट ने 100 मीटर की दूरी 9.71 में पूरी की।