इसे कहते हैं दिन का बदलना। दो दिन पहले ही खेल रत्न के लिए पीवी सिंधू के नाम पर सहमति नहीं बन सकी, लेकिन अब उनके नाम की सिफारिश कर दी गई है।
रियो ओलंपिक के फाइनल में पहुंचकर रजत पदक जीतने वाली शटलर पीवी सिंधू को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। सिंधू के शुक्रवार को रजत पदक जीतते ही खेल मंत्रालय ने उनके नाम की सिफारिश खेल रत्न के लिए कर दी।
खास बात यह है कि दो दिन पहले ही खेल रत्न के लिए सिंधू के नाम पर सहमति नहीं बन सकी थी, लेकिन तब यह तय किया गया था कि ओलंपिक में पदक जीतने पर स्वाभाविक तौर पर खेल रत्न चुन लिया जाएगा।
सेवानिवृत्त जज एसके अग्रवाल की अगुवाई वाली चयन कमेटी ने बुधवार को निशानेबाज जीतू राय और जिमनास्ट दीपा कर्माकर को ही खेल रत्न देने की सिफारिश की थी। इसके लिए क्रिकेटर और टेस्ट कप्तान विराट कोहली को नहीं चुना गया और उनका नाम पीछे कर दिया गया।
खेल रत्न भारत में खेलों का सबसे बड़ा सम्मान है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से विश्वनाथन आनंद, लिएंडर पेस, सचिन तेंदुलकर, साइना नेहवाल और सानिया मिर्जा समेत कई खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा चुका है। अब बारी पीवी सिंधू की है, जो ओलंपिक में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं।
इसके अलावा बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने सिंधू को 50 लाख और उनके कोच और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद को 10 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। यह घोषणा बीएआई के अध्यक्ष अखिलेश दास गुप्ता ने की।