टोक्यो पैरालंपिक में भाविनाबेन पटेल ने इतिहास रच दिया। वह टेबल टेनिस की महिला सिंगल्स स्पर्धा का रजत पदक जीतने में सफल रहीं। उन्होंने खेल दिवस के मौके पर यह पदक जीतकर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। पैरालंपिक खेलों में टेबल टेनिस स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाली भाविना भारत की पहली पैरा एथलीट हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे देश को नाज है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाविना से बात की और कहा कि उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक्स में इतिहास रच दिया है।
वहीं टेबल टेनिस ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट और हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भाविना पटेल के टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीतने पर 31 लाख रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया।
फाइनल मुकाबले में चीनी खिलाड़ी ने शुरुआत से ही जबरदस्त खेल दिखाया। उन्होंने पहला गेम 11-7 के अंतर से जीता। जबकि दूसरे में उम्मीद थी की भाविना वापसी करेंगी लेकिन ऐसा हो न सका। दूसरा गेम झोउ यिंग 11-5 से जीतने में सफल रहीं। इसके बाद तीसरे गेम में भाविना को हर हाल में जीत दर्ज करनी थी लेकिन वह असफल रहीं। तीसरा गेम चीनी खिलाड़ी ने 11-6 के अंतर से जीत स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। जबकि, भाविना को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मैच 19 मिनट तक चला।।
दुनिया की नंबर 1 टेबल टेनिस खिलाड़ी झोउ यिंग का कुल मिलाकर पैरालंपिक खेलों में यह तीसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले वह 2008 और 2012 के पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
कुछ भी भाविना पटेल का टोक्यो पैरालंपिक में सफर शानदार रहा। वह अपने खेल से सभी को प्रभावित करने में सफल रहीं। विश्व रैंक में नंबर 12 पर मौजूद भाविना ने पैरालंपिक में दिग्गज खिलाड़ियों को मात दी।