वेटलिफ्टिंग में चानू पदक जीतने वाली भारत की दूसरी एथलीट हैं। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने 2000 सिडनी ओलिंपिक में कांस्या पदक जीता था। मीराबाई को पांच साल पहले रियो ओलंपिक में भी पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन वह महिलाओं के 48 किग्रा भार वर्ग में उतना का वजन उठाने में सफल नहीं रहीं थीं। चानू विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण, राष्ट्रमंडल खेलों में (2014 में रजत और 2018 में स्वर्ण) दो पदक और एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
पदक जीतने के बाद डॉमिनोज ने मीराबाई चानू को मुफ्त में ताउम्र पिज्जा खिलाने की पेशकश की। कंपनी ने टि्वटर पर लिखा, 'पदक घर लाने पर आपको बहुत-बहुत बधाई। आपने एक अरब से ज्यादा भारतीयों के सपनों को पूरा किया है। इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती कि हम आपको ताउम्र मुफ्त पिज्जा दें। फिर से बधाई।' बता दें कि चानू ने पदक जीतने के बाद पिज्जा खाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने एक चैनल से खास बातचीत में कहा था कि उन्होंने महीनों से अपना पसंदीदा खाना नहीं खाया है। पदक जीतने के बाद मीराबाई ने कहा, 'मैंने महीनों से पिज्जा नहीं खाई है।'
मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने बीते शनिवार को कहा था कि टोक्यो ओलंपिक के दूसरे दिन रजत पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली सेखोम मीराबाई चानू को राज्य सरकार एक करोड़ रुपये की नकद राशि देगी। सीएम बिरेन सिंह ने रजत पदक जीतने के लिए मीराबाई चानू को बधाई दी थी। सीएम ने कहा था, 'हम भारतीयों को आप पर गर्व है। मणिपुर राज्य के लोग 2020 टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों के पदक जीतने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।' इस दौरान सीएम ने कहा, 'अब आप रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में टिकट लेने का काम नहीं करेंगी। मैं आपके लिए एक विशेष पद आरक्षित कर रहा हूं।