उन्होंने कहा, आप्रवास की प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्हें चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। परिवहन की व्यवस्था होने तक तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। खाने और पीने की भी सुविधा नहीं थी। बयान में कहा गया,जर्मनी ने यह भी कहा कि वालिंटियर भी उपलब्ध नहीं है।भारतीयों का पहला दल 17 जुलाई को टोक्यो रवाना होगा। भारत के 120 से अधिक खिलाड़ियों ने ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया है।
बत्रा ने कहा, मैं आपसे यह सब साझा कर रहा हूं ताकि आप मानसिक रूप से तैयार रहें। ये खेल अति असाधारण हालात में कराये जा रहे हैं और हमें हर हालात का मुस्कुराकर सामना करना है, जापान के साथ सहयोग करना है। आयोजकों ने कहा, आयोजन समिति इन मसलों पर गौर करेगी और सरकार के साथ मिलकर सुनिश्चित करेगी कि ऐसा दोबारा नहीं हो।
बैश्य ने कहा कि खिलाड़ियों को आप्रवास, जांच और अन्य मंजूरियों के लिये हवाई अड्डे पर घंटों इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, टोक्यो में जिन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, हमने उनसे अवगत करा दिया है, आयोजकों ने उन्हें दूर करने का वादा किया है, लेकिन यह तो तय है कि खिलाड़ियों को टोक्यो पहुंचने पर पांच से छह घंटे इंतजार करना होगा। उन्होंने आगे कहा, आगमन पर सबसे पहले कोरोना जांच होगी, इसके बाद आप्रवास और अन्य मंजूरियां लेनी होंगी, कोरोना जांच का नतीजा आने के बाद ही भारतीय दल बस में बैठ सकेगा।