भारतीय नौकायन टीम ओलंपिक में भाग लेने के लिए टोक्यो पहुंच गई। भारतीय एथलीटों का यह पहला जत्था है जो जापान पहुंचा है। नौकायन टीम में शामिल वरुण ठक्कर, केसी गणपति, विष्णु सरवनन और नेथ्रा कुमानन अपने कोचों के साथ टोक्यो पहुंचे। हानेदा हवाई अड्डे पर उतरने के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण ने इन एथलीटों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं। इस बार नौकायन में भारतीय टीम से पदक की उम्मीद है। भारत की ओलंपिक में नौकायन स्पर्धा में अभी तक झोली खाली रही है।
वैसे भारत का एशियाई खेलों में नौकायन में शानदार प्रदर्शन रहा है। भारत ने एशियाड में 2 स्वर्ण सहित कुल 23 पदक जीते हैं। भारत के इस प्रदर्शन को देखते हुए कहा जा सकता है कि टीम इंडिया इस बार नौकायन में भारत को पदक दिलाएगी। नौकायन कोच इस्माइल बेग को भी टीम से पदक जीतने की उम्मीद है। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि भारत को महाकुंभ में पदक जीतने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। भारत ने सिडनी ओलंपिक में पहली बार नौकायन में हिस्सा लिया था। तब से उसे इस स्पर्धा में पदक की दरकार है।
ओलंपिक की बात की जाए तो भारत के दत्तू भोकानल रियो ओलंपिक में पुरुषों की एकल स्पर्धा में 13वें नंबर पर रहे थे। यह भारत का ओलंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। सिडनी ओलंपिक 2000 में भारत ने पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया था उस समय भी इस्माइल बेग भारत के कोच थे। उनके नेतृत्व में भारत ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है। कुछ दिन पहले एक बयान में नौकायन कोच ने कहा था कि एशियाई के प्रदर्शन को ओलंपिक में दोहराने की कोशिश जारी है, हर बार हम बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, थोड़ी मेहनत और जरूरी है, अगर इसी तरह सहयोग मिलता रहा तो हम ओलंपिक में पदक जीतेंगे।