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Tokyo Olympics: गोल्फर अदिति ने जगाई पदक की उम्मीद, प्रतिद्वंदियों को दे रहीं कड़ी टक्कर

Sat, 07 Aug 2021 09:19 AM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

भारतीय गोल्फर अदिति अशोक अपने प्रतिद्वंदियों को लगातार कड़ी टक्कर दे रही हैं। अगर  ऐसा ही प्रदर्शन जारी रहा तो गोल्फ में अदिति का पदक पक्का है। 
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महिला गोल्फर अदिति अशोक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय गोल्फर अदिति अशोक ओलंपिक की गोल्फ स्पर्धा में भारत के पहले पदक की दावेदार बनी हुई हैं। उन्होंने तीसरे दौर में तीन अंडर 67 के स्कोर के साथ दूसरा स्थान बरकरार रखा है। अदिति तीन दौर के बाद 12 अंडर 201 के स्कोर के साथ अकेली दूसरे स्थान पर हैं। अदिति मां महेश्वरी उनके कैडी की भूमिका निभा रही हैं। अमेरिका की नैली कोर्डा उनसे तीन स्ट्रोक्स आगे है जिन्होंने इस दौर में दो अंडर 69 स्कोर किया। न्यूजीलैंड की लीडिया को, ऑस्ट्रेलिया की हन्ना ग्रीन, डेनमार्क की क्रिस्टीन पेडरसन और जापान की मोने इनामी 10 अंडर 203 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अदिति ने पांच बर्डी लगाए और दो बोगी किए। उन्होंने नौवें और 11वें होल पर बोगी करने के बाद 15वें और 17वें होल पर बर्डी लगाए। इससे पहले उन्होंने चौथे, छठे और सातवें होल पर भी बर्डी लगाई थी। भारत की दीक्षा डागर एक ओवर 72 के स्कोर के साथ निचले हाफ में हैं। 

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अदिति का यह दूसरा ओलंपिक है। रियो (2016) में वह 41वें स्थान पर रहीं थी। मौसम विभाग ने टोक्यो में शनिवार को भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी है। इसी वजह से गोल्फ का मुकाबला प्रभावित होना तय माना जा रहा है। मुकाबले के लिए हालांकि रविवार रिजर्व डे के तौर पर मौजूद है। अगर चौथे दौर (72 होल) का खेल पूरा नहीं हुआ तो तीसरे दौर (54 होल) के नतीजे पर विजेता का चयन होगा। ऐसे में अदिति को रजत मिल सकता है।

कोरोन से कम हुई ताकत

‘मैं वीजा संबंधी काम के लिए भारत आई थी लेकिन वहां कोविड-19 की चपेट में आ गई। इस कारण मैं दो सप्ताह से अधिक समय के लिए वही रही। मुझे लगता है कि कोरोना के कारण मेरी ताकत कम हुई है। लंबी दूरी के होल में मेरा शॉट काफी पीछे रह जा रहा है। पहले भी होल से दूर रहता था लेकिन इतना दूर कभी नहीं था। जो होल अधिक दूर है वहां खेल में निरंतरता बरकरार नहीं रख पा रही हूं। पहले दौर की तुलना में इस (तीसरे) दौर में मेरी ‘पुटिंग’ (करीब से गेंद को होल में डालना) अच्छी नहीं थी।’
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  • दूसरी बार ओलंपिक में खेल रही हैं। रियो ओलंपिक में खेलने वाली सबसे युवा गोल्फर बनीं थी और 41वें स्थान पर रही थी    
  • मां महेश्वरी निभा रही हैं कैंडी की भूमिका। रियो में पिता गए थे कैंडी बनकर  
  • 05 साल में शुरू किया था खेलना नौ साल में जीता था पहला खिताब
  • 16 सर्वाधिक मेजर (ग्रैंड स्लैम जैसे टूर्नामेंट) में खेलने वाली देश की एकमात्र महिला गोल्फर
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