ब्रीन ने फ्रांस-24 से कहा- ‘यह 2021 है, 18वीं सदी नहीं। किसी को भी मुझे यह नहीं बताना चाहिए कि मैं क्या पहनूं।’ ब्रीन अब तोक्यो पैरा ओलंपिक में भाग लेने के लिए तोक्यो पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उस घटना के बाद अभी तक किसी ने उनसे परिधान के बारे में बात नहीं की है। लेकिन महिला खिलाड़ियों के ड्रेस को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। कुछ समय पहले यूरोपियन हैंडबॉल एसोसिएशन ने नॉर्वे की बीच हैंडबॉल टीम पर 1,500 यूरो का जुर्माना लगाया था। टीम की खिलाड़ियों ने यूरो-2021 चैंपियनशिप के दौरान बिकनी के बजाय शॉर्ट्स पहना था। एसोसिएशन ने कहा कि नॉर्वे की टीम का ड्रेस ‘अनुचित’ था। उसके मुताबिक बीच हैंडबॉल खेलते समय बिकनी पहनना अनिवार्य है। यह नियम इंटरनेशनल हैंडबॉल फेडरेशन ने बना रखा है।
लेकिन पुरुष बीच हैंडबॉल के खिलाड़ी दस सेंटीमीटर तक लंबे शॉर्ट्स पहन सकते हैं। उस बारे में नियम सिर्फ यह है कि शॉर्ट्स को घुटनों के ऊपर होना चाहिए और उसे बैगी जैसा नहीं दिखना चाहिए। तोक्यो ओलंपिक में बीच हैंडबॉल को शामिल नहीं किया गया है। इसलिए वहां ये विवाद फिर से नहीं उठेगा। लेकिन इन हालिया विवादों ने महिला खिलाड़ियों पर ड्रेस कोड थोपने की प्रवृत्ति पर एक फिर से रोशनी डाली है।
ओलंपिक खेलों में कैसा परिधान पहना जाएगा, इस बारे में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का कहना है कि यह तय करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। बल्कि इस बारे में फैसला अलग-अलग खेलों के अंतरराष्ट्रीय परिसंघ करते हैं। उधर फ्रांस-24 ने अपने एक विश्लेषण में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय खेल परिसंघों ने इस बारे में कोई समान नियम नहीं बनाए हैं। यही वजह है कि अकसर परिसंघों और उनके अधिकारियों की महिलाओं से भेदभाव संबंधी सोच लागू किए जाने वाले नियमों में झलक जाती है।