पहले ही एशियाई चैंपियनशिप में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी कर चुके भारतीय पुरुष मुक्केबाजों की निगाह अब गोल्डन पंच पर है। सात पुरुष और छह महिलाओं सहित 13 मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर भारत को अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंचा दिया है। भारत मुक्केबाजी की महाशक्ति कजाखस्तान 11 (सात पुरुष, चार महिला) और चीन आठ (2 पुरुष, 8 महिला) से आगे है।
भारत के दीपक सिंह (49 किग्रा), अमित पंघाल (52 किग्रा), कविंदर सिंह बिष्ट (56 किग्रा), शिव थापा (60 किग्रा), आशीष (69 किग्रा) , आशीष कुमार (75 किग्रा) और सतीश कुमार (प्लस 91 किलो) अंतिम चार में हैं। महिलाओं में निखत जरीन (51 किग्रा), मनीषा (54 किग्रा), सोनिया चहल (57 किग्रा), एल सरिता देवी (60 किग्रा), सिमरनजीत कौर (64 किग्रा) और पूजा रानी (75 किग्रा) पदक की दौड़ में होंगी।
भारतीय पुरुष टीम ने 2009 में एक स्वर्ण सहित सात पदक जीते थे। ताइवान में 2005 में भारत ने सात स्वर्ण सहित 11 पदक अपने नाम किए थे। दीपक का सामना कजाखस्तान के तेमिरतास जुसुपोव से, कविंदर का मंगोलिया के एंख अमार खाखू से, आशीष का ईरान के सैयदशाहीन मूसावी से, थापा का कजाखस्तान के जाकिर सफिउल्लिन से, अमित का चीन के हु जियांगुआन, आशीष का उज्बेकिस्तान के बोबो उस्मान बी से और सतीश का कजाखस्तान के कामशिबेक कुंकाबायेव से होगा।
महिलाओं में मनीषा, सरिता और पूजा का सामना क्रमश: ताइवान की हुआंग सियाओ वेन, चीन की यांग वेनलु और कजाखस्तान की फरीजा एस से, जबकि निखत का वियतनाम की एंगुयेन थि ताम से, सोनिया का थाईलैंड की निलवान टी से और राष्ट्रीय चैंपियन सिमरनजीत का उज्बेकिस्तान की एम मेलीवा से होगा।