भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री को हंगरी के महान खिलाड़ी फेरेंक पुस्कास के 84 गोल की बराबरी करने पर दो बार के इंग्लिश प्रीमियर लीग विजेता क्लब टोटनहैम हॉट्सपर से विशेष बधाई मिली है। टोटनहैम ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि पुस्कास के 84 गोल की बराबरी करने के लिए बधाई सुनील। छेत्री को हैरी केन की कप्तानी वाले इंग्लिश फुटबॉल क्लब से बधाई मिलना बड़ी बात मानी जा रही है।
सुनील छेत्री ने गोल के मामले में पुस्कास की बराबरी 14 जून को एएफसी एशिया कप क्वालिफाइंग मैच के दौरान हांगकांग के खिलाफ गोल दागकर हासिल की थी। सुनील छेत्री ने एशिया कप क्वालिफाइंग के दौरान कुल चार गोल किए। इनमें कंबोडिया के खिलाफ दो, अफगानिस्तान और हांगकांग के खिलाफ एक-एक गोल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में सुनील छेत्री पुस्कास के साथ संयुक्त रूप से पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं। पुस्कास ने 85 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 84 गोल दागे थे, जबकि भारतीय खिलाड़ी ने यह उपलब्धि 129 मैचों में हासिल की है।
अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले शीर्ष 5 खिलाड़ी
| खिलाड़ी |
देश |
गोल |
मैच |
| क्रिस्टियानो रोनाल्डो |
पुर्तगाल |
117 |
189 |
| अली देई |
ईरान |
109 |
148 |
| मोख्तर दाहरी |
मलयेशिया |
89 |
142 |
| लियोनेल मेसी |
अर्जेंटीना |
86 |
162 |
| फेरेंक पुस्कास |
हंगरी |
84 |
85 |
| सुनील छेत्री |
भारत |
84 |
129 |
मेसी से सिर्फ दो गोल पीछे हैं भारतीय कप्तान
सक्रिय रूप से फुटबॉल खेलने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो भारतीय कप्तान सुनील छेत्री इस समय गोल करने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो (117 गोल) और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी (86 गोल) हैं। मेसी की बराबरी करने के लिए 37 वर्षीय छेत्री को सिर्फ दो गोल की जरूरत है।
रिकॉर्ड की चिंता नहीं करता : छेत्री
भारतीय कप्तान ने इस रिकॉर्ड के बारे में कहा कि वह रिकॉर्ड और व्यक्तिगत उपलब्धियों की चिंता नहीं करते हैं। वह मैदान में सिर्फ खेल का आनंद लेते हैं। भारत ने पहली बार लगातार दूसरी बार एशिया कप के लिए क्वालिफाई किया है। 2023 एशिया कप में कुल 24 टीमें खेलेंगी। एजेंसी
छेत्री पर विशेष श्रृंखला जारी करेगा फीफा
नई दिल्ली। सुनील छेत्री के साथ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) ने विशेष शृंखला की शूटिंग की है। यह शूटिंग फीफा की क्षेत्रीय सामग्री पहल का हिस्सा है। भारतीय फुटबाल की बात बिना छेत्री के नहीं हो सकती। यह शूटिंग बंगलूरू और दिल्ली में की गई है। छेत्री बंगलूरू और उनके माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। भारत कभी फुटबॉल विश्वकप नहीं खेला, लेकिन उसके खिलाड़ी सुनील छेत्री अब वैश्विक हो गए हैं।