अवॉर्ड कमेटी की ओर से द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए सिफारिश के बाद खेल मंत्रालय से नाम कटने पर अभियान चलाने वाले तीरंदाजी कोच जीवनजोत सिंह तेजा के खिलाफ अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई होने जा रही है।
अवॉर्ड नहीं दिए जाने पर जीवनजोत ने न सिर्फ भारतीय टीम के कोच पद से इस्तीफा दे दिया था, बल्कि वर्ल्ड कप फाइनल्स में टीम के साथ तुर्की भी नहीं गए थे। तुर्की जाने के लिए उनकी हवाई यात्रा का टिकट भी बुक कराया जा चुका था। आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रशासक और साई ने इसे अनुशासनहीनता माना है।
उनसे न सिर्फ हवाई यात्रा का पैसा वसूला जाएगा, बल्कि कार्रवाई की भी तैयारी कर ली गई है। सितंबर माह में तुर्की में हुए वर्ल्ड कप फाइनल्स के लिए दीपिका कुमार, ज्योति सुरेखा और अभिषेक वर्मा ने क्वालीफाई किया था। इनके साथ बतौर कोच जीवनजोत को जाना था, लेकिन वह अवॉर्ड के लिए नाम काटे जाने पर पद से इस्तीफा दे चुके थे। हालांकि उनके जाने की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं।
अवॉर्ड के लिए अभियान चलाने का भुगता खामियाजा
द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए नाम कटने पर जीवनजोत ने मंत्रालय के खिलाफ अभियान छेड़ दिया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयान दिए। जीवनजोत के खिलाफ पहले भी वर्ल्ड यूनिवर्सियाड के दौरान लापरवाही के आरोप लग चुके हैं।
इन खेलों में भारतीय टीम अपना कांस्य पदक मुकाबला ही खेलने के लिए नहीं पहुंची थी। उन पर आरोप था कि मुकाबले के दौरान टीम स्टेडियम में ही नहीं थी। इसी को आधार बना खेल मंत्रालय ने उनका नाम अवॉर्ड के लिए काटा था।