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देश की 'स्वर्ण बेटी' हिमा दास का एएफआई ने किया अपमान, गोल्ड लाने से ज्यादा जरूरी है अंग्रेजी सीखना

Fri, 13 Jul 2018 05:04 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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hima das
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असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास का नाम गूगल में सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है। वो इसलिए क्योंकि इस युवा एथलीट ने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में इतिहास रच दिया है। हिमा ने आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है।

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यह पहली बार है कि भारत को आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल हुआ है। उनसे पहले भारत की कोई महिला खिलाड़ी जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड नहीं जीत सकी थी। हिमा ने यह दौड़ 51.46 सेकेंड में पूरी की।

हालांकि देश के लिए गोल्ड जीतने वाली इस होनहार एथलीट की कामयाबी शायद 'एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' को रास नहीं आई। दरअसल सेमीफाइनल में हिमा की जीत के बाद एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक एक ट्वीट किया गया था। इस ट्वीट में फेडरेशन ने हिमा को उनकी खराब इंग्लिश के चलते घेरा।
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फेडरेशन की तरफ से जारी इस ट्वीट में लिखा था, 'सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने के बाद हिमा दास ने मीडिया से बातचीत की। इंग्लिश अच्छी नहीं है, फिर भी अपना बेस्ट दिया। फाइनल में और ज्यादा अच्छा करने की कोशिश करना।' हिमा दास की अंग्रेजी पर तंज कसने वाली एएफआई को शायद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से ज्यादा अच्छी अंग्रेजी बोलने वालों की जरूरत है।

गौर करने वाली बात यह है कि हिमा को इंग्लिश का पाठ पढ़ाने वाले फेडरेशन के अधिकारियों को खुद अंग्रेजी की क्लास लेने की जरूरत है। दरअसल इस ट्वीट में एक जगह स्पीकिंग शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी स्पैलिंग 'speking' लिखी गई है। फेडरेशन ने अपने इस ट्वीट के लिए माफी मांग ली है।
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