उन्होंने कहा,‘पिछले 19 साल से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा हूं कि सुनिश्चित कर सकूं कि मेरे पिता को भारत रत्न मिले या फिर कम से कम मरणोपरांत पद्म पुरस्कार मिले।
उन्हें 17 साल बाद (2001) अर्जुन पुरस्कार मिला। अगर आप 1954 से 1984 के पुरस्कार विजेताओं की सूची देखो तो कई खिलाड़ियों को पद्म श्री मिला और कुछ को तो पद्म भूषण भी मिला जबकि कुछ को तीनों मिले (पदक विभूषण भी)।
हालांकि महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद और कुछ अन्य हाकी खिलाड़ियों को छोड़कर उनमें से कोई भी ओलंपियन नहीं था। एकता कपूर को इस साल पद्म श्री दिया गया।’