यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर पहुंचते ही शिंवागी ने देश और दुनिया को कई स्पेशल मैसेज दिए। उन्होंने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' और 'पृथ्वी रहेगी तो जीवन रहेगा' के स्लोगन पोस्टर के साथ अपनी तस्वीरें भी शेयर की।
माउंट एल्ब्रुस पर शिवांगी के अनुभव के बारे में बताते हुए उनकी मां ने बताया कि जब वह 1 हजार मीटर की ऊंचाई पर पहुंची तो तेज तूफान आ गया। ऐसे में पहाड़ चढ़ना आसानी नहीं था तो वे वापस बेस कैंप लौट गए। अगले दिन 3 सितंबर को फिर से चढ़ाई शुरू की और इस बार वह किला फतह करके ही वापस लौटीं।