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Sepp Blatter: ब्लाटर और प्लातिनी सात साल बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी, स्विस कोर्ट ने दी क्लीन चिट

Fri, 08 Jul 2022 11:01 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बेलिनजोना

सार

ब्लाटर ने 17 साल तक फीफा का नेतृत्व किया था जबकि फ्रांस के पूर्व दिग्गज फुटबॉलर प्लातिनी यूएफा (यूरोपीय फुटबॉल के शीर्ष संचालक) के अध्यक्ष थे और ब्लाटर के बाद फीफा अध्यक्ष बनने के सबसे मजबूत दावेदारों में एक थे।
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सैप ब्लाटर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फीफा के पूर्व अध्यक्ष 86 साल के सैप ब्लाटर और 67 साल के माइकल प्लातिनी को स्विट्जरलैंड की एक आपराधिक अदालत ने फीफा से धोखाधड़ी करने के आरोप से शुक्रवार को बरी कर दिया। भ्रष्टाचार के आरोपों से पहले ये जोड़ी फुटबॉल संचालन के मामले में दुनिया की सबसे शक्तिशाली हस्तियों में शामिल थी। 
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ब्लाटर ने 17 साल तक फीफा का नेतृत्व किया था जबकि फ्रांस के पूर्व दिग्गज फुटबॉलर प्लातिनी यूएफा (यूरोपीय फुटबॉल के शीर्ष संचालक) के अध्यक्ष थे और ब्लाटर के बाद फीफा अध्यक्ष बनने के सबसे मजबूत दावेदारों में एक थे। उन पर जब आरोप लगे तो वह यूएफा के अध्यक्ष पद से हट गए थे। उन पर पहले आठ साल का प्रतिबंध लगा था जिसे बाद में चार वर्ष का कर दिया गया था। इस प्रतिबंध के खिलाफ 2020 में उनकी अपील ठुकरा दी गई थी। 

11 साल पहले 16 करोड़ के भुगतान का है मामला 
यह मामला लगभग एक दशक पहले का है। ब्लाटर की मंजूरी से फीफा ने 2011 में प्लातिनी को इस वैश्विक निकाय में सलाहकार की भूमिका के लिए दो मिलियन डॉलर (लगभग 16 करोड़ रुपये) का भुगतान किया था। इस मामले में पिछले महीने बेलिनजोना में स्विट्जरलैंड की संघीय आपराधिक अदालत में 11 दिनों की सुनवाई हुई थी।
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तीन बार के श्रेष्ठ फुटबॉलर रहे हैं प्लातिनी 
फ्रांस के फुटबॉलर प्लातिनी का शानदार कॅरिअर रहा है और वह तीन बार के बेलन डि ओर पुरस्कार विजेता रहे हैं। उन्होंने अपनी कप्तानी में फ्रांस को 1984 यूरोपियन चैंपियनशिप में खिताब दिलाया और जुवेंटस क्लब के साथ 1985 में यूरोपियन कप जीता था। बाद में फ्रांस के कोच और 2007 में यूएफा अध्यक्ष बने।  

17 साल फीफा प्रमुख रहे सैप 
स्विट्जरलैंड के व्यवसायी और खेल प्रशासक सैप ब्लाटर 1975 में फीफा से जुड़े और 1981 में इसके महासचिव और 1998 में अध्यक्ष बन गए। वह 17 साल पद पर रहे। पहले उन पर आठ साल का प्रतिबंध लगा जिसे घटाकर छह वर्ष किया गया।

कब-कब क्या हुआ 
  • मई 2015 : फीफा के सात अधिकारी मनी लांड्रिंग के आरोपों में पकड़े गए। स्विस अधिकारियों ने जांच शुरू की।  भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच ब्लाटर पांचवें कार्यकाल के लिए फीफा प्रमुख चुने गए।
  • जून 2015 : ब्लाटर ने कहा, इस्तीफा दे देंगे लेकिन अगला प्रमुख चुने जाने तक पद पर रहेंगे।
  • सितंबर 2015 : स्विस अटार्नी जनरल ब्लाटर के खिलाफ कुप्रबंधन और विश्वाघात के आरोपों पर अपराधिक कार्रवाई शुरू की। उन पर 2011 में प्लातिनी को दो मिलियन स्विस फ्रेंक का अनुचित भुगतान करने का आरोप लगा। 
  • अक्तबूर 2015 : फीफा ने ब्लाटर और प्लातिनी को 90 दिन के लिए निलंबित कर दिया।
  • दिसंबर 2015 : फीफा की एथेक्सि कमेटी ने ब्लाटर और प्लातिनी को आठ साल के लिए फुटबॉल से जुड़ी गतिविधियों से निलंबित किया।
  • फरवरी 2016 : दोनों का निलंबन अपील के बाद आठ से घटाकर छह साल कर दिया गया। यूएफा के महासचिव गियानी इंफेंटिनो को नया फीफा प्रमुख चुना गया।
  • मई 2016 : खेल पंचाट ने प्लातिनी का प्रतिबंध छह से घटाकर चार साल कर दिया।
  • दिसंबर 2016 : ब्लाटर का छह साल का निलंबन बरकरार रखा गया।
  • जून 2019 : प्लातिनी को 2022 का विश्व कप कतर को सौंपे जाने के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में पेरिस में पूछताछ हुई। प्लातिनी ने किसी गलत काम में शामिल होने से इंकार किया। 
  • दिसंबर 2019 : फीफा ने कहा कि वह प्लातिनी को अनुचित भुगतान मामले में कानूनी कार्रवाई करेगा।
  • सितंबर 2020 : स्विस अटार्नी जनरल के कार्यालय में प्लातिनी को भुगतान मामले में ब्लाटर से पूछताछ।
  • नवंबर 2020 : ब्लाटर और प्लातिनी पर स्विट्जरलैंड में धोखाधड़ी के मामले में अपराधिक कार्रवाई शुरू।
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