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रियो में थ्रो करने से रोके जाने पर बेहोश होकर गिरे संतोष

Thu, 15 Sep 2016 05:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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Devendra Jhajharia - फोटो : Reuters
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देवेंद्र झांझरिया ने रियो में जेवलिन थ्रो का गोल्ड जरूर जीता है, लेकिन इस इवेंट में स्वर्ण जीतने का दावेदार संतोष सिंह गुर्जर को माना जा रहा था। संतोष संदिग्ध हालातों में इस इवेंट में भाग लेने ही नहीं पहुंचे। नतीजन आयोजकों ने उन्हें खेलने से रोक दिया।
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अब तक यह पता नहीं लगा है कि किसकी गलती की वजह से संतोष इवेंट में नहीं पहुंचे। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया दावा है कि संतोष और उनके कोच को अंग्रेजी नहीं आती है। दोनों वार्म अप क्षेत्र में थे। जब इवेंट के लिए उनका नाम पुकारा गया तो दोनों वहीं रहे। हालांकि इस दौरान देवेंद्र और दूसरे थ्रोअर रिंकू हुडा इवेंट के लिए चले गए।

खेल मंत्री विजय गोयल और पीसीआई मामले की जांच करा रहे हैं। गोयल का कहना है कि जांच रिपोर्ट पर वह तुरंत कार्रवाई करेंगे। संतोष को खेलने से रोके जाने के बाद उनकी हालत बेहद खराब हो गई। वह कई बार बेहोश होकर गिर चुके हैं।
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पीसीआई के उपाध्यक्ष गुरचरण सिंह ने रियो से अमर उजाला को बताया कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका मुख्य कारण संतोष और उनके कोच महावीर प्रसाद को अंग्रेजी नहीं आना हो सकता है। वह मामले की जांच करा रहे हैं। दरअसल संतोष देवेंद्र से भी अधिक 68 से 70 मीटर जेवेलिन फेंक रहे थे। खुद पीसीआई और साई उन्हें ही वल्र्ड रिकार्ड के साथ गोल्ड का दावेदार मान रही थी, लेकिन यह संदेहास्पद वाक्या घट गया।

यह वही संतोष हैं जिन्होंने कुछ माह अपने ही साथी जेवेलिन थ्रोअर के खिलाफ जूस की दुकान पर जूस में ड्रग्स मिलवाने की शिकायत दर्ज कराई थी। यह थ्रोअर भी रियो गया है। गुरचरण का कहना है कि उन्होंने यह मामला आपसी बातचीत के बाद खत्म करा दिया था, लेकिन जांच में इस मामले को भी ध्यान में रखा जाएगा।
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